झारखंड में नरबलि जैसी कुप्रथाओं पर बने कठोर कानून : आआपा
रांची, 03 अप्रैल (हि.स.)। झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में अंधविश्वास और कथित नरबलि से जुड़ी घटना को लेकर आम आदमी पार्टी (आआपा) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी ने इस घटना को मानवता पर कलंक बताते हुए राज्य सरकार से तत्काल ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
रांची के मोरहाबादी स्थित राजकीय अतिथिशाला में शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में आआपा झारखंड के प्रदेश प्रभारी (विधि प्रकोष्ठ) अमित कुमार ने कहा कि यह सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि समाज की गहरी विफलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आजादी के दशकों बाद भी यदि अंधविश्वास और मानव बलि जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, तो यह शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करता है।
अमित कुमार ने बताया कि राज्य में जादू-टोना निवारण अधिनियम पहले से लागू है, लेकिन इसमें मानव बलि जैसे जघन्य अपराधों के लिए स्पष्ट और कठोर दंड का प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में यह कानून अपर्याप्त साबित हो रहा है, इसलिए राज्य में एक नया, सशक्त और व्यापक कानून बनाया जाना चाहिए, जिसमें कड़ी सजा के साथ-साथ जनजागरूकता के उपाय भी शामिल हों।
वहीं पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रभात शर्मा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को इस गंभीर मुद्दे पर सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी।
प्रेस वार्ता में आआपा सह प्रभारी कुमार राकेश और जोनल कॉर्डिनेटर राजेश लिंडा ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान पार्टी ने कई अहम मांगें सामने रखीं, जिनमें ‘अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र एवं मानव बलि निषेध अधिनियम’ के नाम से नया कठोर कानून बनाने, मानव बलि को ‘दुर्लभ में दुर्लभतम’ अपराध घोषित करने और इसके लिए सख्त दंड सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख रही।
पार्टी ने यह भी घोषणा की कि इस मामले को लेकर राज्य के सभी विधायकों, सांसदों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा में इस विषय पर प्रभावी कानून लाने की मांग भी उठाई जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

