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झारखंड में सात महीने में विकास बजट का 29.38 प्रतिशत ही खर्च: संजय सेठ

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झारखंड में सात महीने में विकास बजट का 29.38 प्रतिशत ही खर्च: संजय सेठ


रांची, 29 अक्टूबर (हि.स.)। झारखंड में विकास योजनाओं पर बजट खर्च की धीमी रफ्तार को लेकर रक्षा राज्य मंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के करीब सात महीने बीतने के बाद भी विकास योजनाओं के लिए तय राशि का बड़ा हिस्सा खर्च नहीं हो पाया है। इससे योजनाओं के कामकाज और आम लोगों को मिलने वाली सुविधाओं पर असर पड़ रहा है। संजय सेठ के मुताबिक, राज्य के 1,06,200.94 करोड़ रुपये के बजट में से 22 अक्टूबर 2026 तक केवल 31,196.72 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह कुल बजट का 29.38 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि जब विकास कार्यों के लिए राशि उपलब्ध है, तो उसका इस्तेमाल करने में इतनी देरी क्यों हो रही है।

सेठ ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के बजट खर्च पर विशेष चिंता जताई। विभाग के लिए 5,200.01 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, लेकिन 22 अक्टूबर तक केवल 253.78 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह कुल बजट का महज 4.88 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि एक ओर ग्रामीण परिवारों को नल से पानी मिलने का इंतजार है, वहीं दूसरी ओर पेयजल योजनाओं पर खर्च की रफ्तार काफी धीमी है. उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग ने अपने बजट का 11.59 प्रतिशत, पथ निर्माण विभाग ने 19.79 प्रतिशत, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 6.20 प्रतिशत, कल्याण विभाग ने 15.69 प्रतिशत और नगर विकास विभाग ने 15.94 प्रतिशत खर्च किया है।

संजय सेठ ने कहा कि निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया में छह महीने से लेकर डेढ़ साल तक का समय लगने की खबरें सामने आई हैं। इससे विकास योजनाओं को समय पर शुरू करने और पूरा करने में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ लंबित योजनाओं की जिम्मेदारी भी तय करनी चाहिए।

संजय सेठ ने कहा कि दिसंबर 2026 तक करीब 75,000 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य बताया जा रहा है। 22 अक्टूबर तक 31,196.72 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। ऐसे में इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए करीब 43,803 करोड़ रुपये और खर्च करने होंगे। उन्होंने सवाल किया कि जो विभाग सात महीने में अपने बजट का 5 से 20 प्रतिशत ही खर्च कर पाए हैं, वे इतने कम समय में बड़ी राशि कैसे खर्च करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि तेजी से खर्च करने के साथ काम की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है।

संजय सेठ ने दावा किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी योजना बजट का करीब 76 प्रतिशत ही खर्च हुआ था। उन्होंने कहा कि सरकार को बजट का इस्तेमाल समय पर करना चाहिए, ताकि सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य और दूसरी जरूरी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने राज्य सरकार से बजट खर्च की रफ्तार बढ़ाने और लंबित योजनाओं को जल्द पूरा करने की मांग की। संजय सेठ ने कहा कि बजट में राशि का प्रावधान करना ही काफी नहीं है, बल्कि उसका सही समय पर इस्तेमाल होना चाहिए, ताकि आम लोगों को इसका लाभ मिल सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे