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निशा भगत की मौत के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार : बाबूलाल मरांडी

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निशा भगत की मौत के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार : बाबूलाल मरांडी


निशा भगत की मौत के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार : बाबूलाल मरांडी


निशा भगत की मौत के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार : बाबूलाल मरांडी


-नेता प्रतिपक्ष ने की सीबीआई जांच और दारोगा अजय तिर्की की तत्काल गिरफ्तारी की मांग

गुमला, 07 नवंबर (हि.स.)। झारखंड विभानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को गुमला पहुंचकर दिवंगत आदिवासी नेत्री निशा भगत को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।

इस दौरान मरांडी ने निशा भगत की मौत को लेकर राज्य की हेमंत सोरेन सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की बेटी निशा भगत की आत्महत्या के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जिम्मेदार हैं। झारखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। राज्य में सरकार के बजाय गुंडे, दलाल और माफिया अपना समानांतर तंत्र चला रहे हैं।

मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य के हर अंचल, प्रखंड और थाने में दो-चार गुंडे, दलाल और माफिया किस्म के लोग सक्रिय हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री का सीधा संरक्षण प्राप्त है। उनके इशारे और पैसों पर उपायुक्त (डीसी), पुलिस अधीक्षक (एसपी) और अंचल अधिकारी (सीओ) समेत पूरा प्रशासनिक तंत्र काम कर रहा है। आम लोग शिकायत लेकर सरकारी दफ्तरों और थानों के चक्कर लगाते रहते हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं होती। वहीं, माफियाओं के एक फोन पर पूरा प्रशासनिक अमला सक्रिय हो जाता है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति राज्य में शासन-प्रशासन के नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य में भू-माफियाओं का आतंक बढ़ गया है। आम लोगों और आदिवासियों की रैयती जमीन पर खुलेआम कब्जा किया जा रहा है। जमीन लूटने और उसे बेचने-बेचवाने का खेल प्रशासनिक संरक्षण में चल रहा है।

मरांडी ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि आदिवासियों की जमीन और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है। उन्होंने कहा कि यदि हेमंत सोरेन से राज्य नहीं संभल रहा है तो उन्हें मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है और तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।

निशा भगत प्रकरण पर गंभीर सवाल उठाते हुए मरांडी ने कहा कि पूरे मामले में बड़ी साजिश की आशंका है। इसकी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि आत्महत्या से पहले निशा भगत ने पिठौरिया थाना के दारोगा अजय तिर्की का नाम लिया था। मरांडी ने उनकी तत्काल गिरफ्तारी और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड में गुंडागर्दी और अपराध चरम पर हैं। खासकर आदिवासी समाज की बेटियों और जल, जंगल, जमीन की लूट के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे लोगों को या तो अपनी जान गंवानी पड़ती है या मुकदमों में फंसाकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जाती है।

भाजपा नेता ने रूपा तिर्की, सूर्या हांसदा, सोमा मुंडा और सुभाष मुंडा जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं से राज्य की कानून-व्यवस्था और आदिवासी समाज की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के नाम पर सत्ता में आई सरकार के कार्यकाल में यदि उन्हीं की जमीन, सम्मान और जीवन सुरक्षित नहीं हैं तो इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा।------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे