युवाओं के आक्रोश की आग में जलकर भस्म हो जाएगी हेमंत सरकार : आदित्य
रांची, 01 अगस्त (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने झारखंड में पेपर लीक मामले में युवाओं, छात्रों के आंदोलन पर सत्ता दल के नेताओं की चुप्पी और राज्य सरकार की तानाशाही रवैए पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के आक्रोश की आग में जलकर हेमंत सरकार भस्म हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि यहां युवा वर्ग न्याय मांग रहा है और सत्ता पक्ष की पार्टियां कुंभकर्णी निद्रा में सोई हुई है। छात्र, युवा बारिश के मौसम में भींगते हुए डटे हुए हैं। लेकिन हेमंत सरकार का प्रशासन इतना संवेदनहीन हो गया कि प्रदर्शन स्थल पर धूप और बारिश से बचने के लिए तिरपाल तक लगाने की अनुमति नहीं दी गई। यह झारखंड के युवाओं पर हेमंत सरकार का तानाशाही रवैया है।
उन्होंने कहा कि इस मामले पर राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, हेमंत सोरेन समेत सत्ता पक्ष के सभी नेता खामोशी की चादर ओढ़े हुए है। विडम्बना है कि इन नेताओं को अपनी खामोशी की चादर हटानी चाहिए, और ये बच्चों का तिरपाल हटा रहे हैं। दिल्ली मामले पर पूरा आसमान सर पर उठाने वाले राजनीति के ये ड्रामेबाज कहां मुंह छुपाये हुए हैं। जब सत्ता अपनी, अपने सहयोगियों की हो, तो क्या छात्रों की आवाज़ दबा दी जाती है। देश इंडी गठबंधन का दोहरा रवैया देख रहा है। झारखंड का युवा इन दोहरे चरित्र वालों से जवाब मांग रहा है। राहुल गांधी और कांग्रेसियों को झारखंड के युवा, छात्र खोज रहे हैं। हेमंत सरकार इस बार युवाओं के इस आक्रोश की आग में ही जलकर भस्म हो जाएगी।
साहू ने शनिवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री को बताना होगा कि आखिर क्यों झारखंड की सभी भर्ती परीक्षाएं बार-बार विवादों में घिर जाती हैं। कितनी शर्मनाक बात है कि सॉल्वर सिंडिकेट का मास्टरमाइंड प्रशासनिक सेवा का अधिकारी बन बैठा है। पूरा सिस्टम सवालों के घेरे में है। आखिर झारखंड के लाखों युवाओं के सपनों को कब तक रौंदा जाता रहेगा।
उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार झूठे दावों में व्यस्त है,जबकि झारखंड का युवा अपने भविष्य की लड़ाई लड़ने सड़कों पर उतरने को मजबूर है। जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने के लिए सरकार जितनी ताकत लगाएगी,छात्र आंदोलन उतना मजबूत होगा।
साहू ने कहा कि जेपीएससी-जेएसएससी महाघोटाले के खिलाफ सड़कों पर रात-दिन डटे हमारे होनहार छात्र आज सूखा चावल खाकर भी आंदोलन करने को मजबूर हैं। परंतु राज्य सरकार पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी है। एक तरफ सरकार की भ्रष्ट सिस्टम की वजह से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकार में धकेला गया है, तो दूसरी तरफ अपना हक मांग रहे छात्रों को सड़कों पर भूखे रहने के लिए छोड़ दिया गया है। इन आंदोलनरत छात्रों के लिए पीने के पानी, शौचालय तक की व्यवस्था नहीं किया जाना दुखद है।
साहू ने कहा कि छात्रों के इस संघर्ष में भाजपा कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। छात्रों के पसीने और आंसुओं का पूरा हिसाब लिया जाएगा। इस महाभ्रष्ट और युवा-विरोधी हेमंत सरकार को उखाड़ फेंकने का वक्त आ गया है। झामुमो-कांग्रेस सरकार में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाएं धांधली और पेपर लीक का पर्याय बन चुकी हैं। इसकी सीबीआई जांच आवश्यक है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

