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होली को लेकर स्पेशल ब्रांच ने विशेष सतर्कता बरतने का दिए निर्देश

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होली को लेकर स्पेशल ब्रांच ने विशेष सतर्कता बरतने का दिए निर्देश


रांची, 28 फरवरी (हि.स.)। झारखंड पुलिस की विशेष शाखा (स्पेशल ब्रांच)ने होली पर्व को लेकर सभी जिलों को विशेष सतर्कता व सावधानी रहने के निर्देश दिए हैं। स्पेशल ब्रांच ने होली के दौरान पूर्व में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए सभी जिलों के डीसी और एसएसपी-एसपी को विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं।

स्पेशल ब्रांच ने राज्य के सभी डीसी, एससपी और एसपी को भेजे पत्र में यह बताया गया है कि होली का त्योहार 4 मार्च को मनाया जाएगा। इसके पूर्व 3 मार्च को होलिका दहन होगा। होली के दौरान दूसरे संप्रदाय के लोगों को रंग, अबीर लगाने तथा उनके धार्मिक स्थलों पर रंग-अबीर पड़ने से तनाव की आशंका बनी रहती है।

स्पेशल ब्रांच के पत्र में यह भी बताया गया कि वर्तमान समय में मुस्लिम समुदाय का रमजान का माह चल रहा है। जिसमें संध्या के समय इफ्तार खोला जाता है। होली पर्व के अवसर पर संध्या के समय होली मिलन आयोजित किया जाता है। इस दौरान तनाव उत्पन्न होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस दौरान आसामाजिक तत्वों के जरिये दूसरे समुदाय के लोगों पर रंग-अबीर डालकर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास किया जा सकता है। ऐसे में राज्य की सांप्रदायिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए त्योहार के दौरान विशेष सतर्कता और निगरानी रखने की आवश्यकता है।

स्पेशल ब्रांच के पत्र में झारखंड के विभिन्न जिलों में होली पर्व के अवसर पर पूर्व में हुए विवाद और घटनाओं की जानकारी भी सभी जिलों के पुलिस के साथ साझा की गई है।

ये दिए हैं निर्देश

-होली के अवसर पर होली मिलन समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन की विवरणी आयोजनकर्ता के नाम के साथ रखें, भीड़ से संबंधित विवरणी भी प्राप्त करें।

-होलिका दहन के आयोजन से संबंधित विवरणी रखें।

-सांप्रदायिक दृष्टिकोण से संवेदनशील स्थानों, विवादित क्षेत्रों में होली के अवसर पर विशेष निगरानी रखने की आवश्यकता है।

-होली के अवसर पर जबरदस्ती रंग-अबीर डालने से विवाद उत्पन्न हो जाता है, उसके रोकथाम के उपायों पर अमल करें।

-विधि-व्यवस्था बिगड़ने पर क्या करेंगे इसका मूल्यांकन करें और तैयारी रखें।

-वैसे असामाजिक तत्वों की सूची तैयार करें और उन पर नजर रखें जो पूर्व में विधि-विरुद्ध कार्यों में संलिप्त रहे हो और त्योहार के दौरान गड़बड़ी कर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया हो।

-अवैध शराब, मादक पदार्थों की बिक्री के स्थान और विक्रेता का नाम-पता के साथ सूची तैयार करें.

-अवैध वधशाला और उसके संचालकों पर नजर रखें।

-वैसे व्हाट्सएप ग्रुप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया ग्रुप जो किसी विशेष संप्रदाय, धर्म, जाति की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणियों करते हैं और नफरत फैलाते हैं उनके एडमिन का नाम और मोबाइल नंबर इकट्ठा करें।

-होली के अवसर पर भ्रमण करने वाले गणमान्य व्यक्तियों की सूचना एकत्रित करें।

-सभी जिलों में थाना स्तर पर शांति समिति की बैठक आयोजित करें।

-होली पर्व के अवसर पर विधि-व्यवस्था संधारण के लिए पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति और सघन गश्ती करने।

त्योहार के दिन शराबबंदी के कारण अवैध और नकली शराब, प्रतिबंधित नशा सामग्री की ब्रिकी बढ़ जाती है। इसके सेवन से कई बार होली के दौरान लोगों की मृत्यु तक हो जाती है। इसलिए अविलंब अभियान सुनिश्चित कर अवैध नकली शराब, प्रतिबंधित नशा सामग्री बरामदगी एवं विक्रेता पर विधि-सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करें।

-असामाजिक तत्वों द्वारा नशे में असुरक्षित एवं तेज वाहन चलाया जाता है. इसपर निगरानी रखने एवं निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया है।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे