मांगों को लेकर एसकेएमयू प्रशासन के खिलाफ अभाविप का भूख हड़ताल शुरू
दुमका, 15 सितंबर (हि.स.)। सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय में विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
मांगों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराज विद्यार्थी परिषद् के छात्र-छात्राओं और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार से विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। विद्यार्थी परिषद् की ओर से बताया गया कि परिषद् ने 10 सितंबर को कुलपति को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय प्रशासन को समय दिया था। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया था कि यदि 14 सितंबर तक मांगों पर सकारात्मक और ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो परिषद् भूख हड़ताल शुरू करेगी।
निर्धारित समय सीमा तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद परिषद् ने मंगलवार से आंदोलन शुरू कर दिया। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में प्रभारी परीक्षा नियंत्रक को हटाना और परीक्षा विभाग की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराना शामिल है।
परिषद् का कहना है कि परीक्षा संचालन, परिणाम प्रकाशन, प्रमाण-पत्र निर्गमन, परीक्षा केंद्र निर्धारण और पुनर्मूल्यांकन सहित परीक्षा विभाग से जुड़े कई मामलों को लेकर विद्यार्थियों में लगातार असंतोष है। परिषद् ने प्रभारी परीक्षा नियंत्रक के कार्यकाल के दौरान लिए गए महत्वपूर्ण प्रशासनिक और वित्तीय निर्णयों की स्वतंत्र जांच की मांग भी की है। इसके साथ ही एनसीसीएफ से जुड़े कार्यों और निविदा प्रक्रिया, परीक्षा शुल्क एवं अन्य वित्तीय मामलों की जांच कराने की मांग उठाई गई है।
विद्यार्थी परिषद् ने विश्वविद्यालय में कथित प्रशासनिक अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामलों की उच्च स्तरीय जांच, आवश्यकता से अधिक डेस्क-बेंच की खरीद की जांच और प्रभारी प्राचार्यों की नियुक्ति और उनकी कार्यप्रणाली की समीक्षा की मांग की है।
परिषद् का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। आंदोलनकारियों ने विद्यार्थियों से संबंधित आंकड़ों को सुरक्षित विश्वविद्यालय सर्वर पर स्थानांतरित कर उनकी गोपनीयता सुनिश्चित करने की भी मांग की है। लंबित परीक्षाओं का शीघ्र आयोजन, परिणामों का समयबद्ध प्रकाशन और परीक्षा परिणाम व पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग भी आंदोलन का हिस्सा है।
इसके अलावा योग्य शिक्षकों की उपलब्धता के बावजूद उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की व्यवस्था की समीक्षा, विश्वविद्यालय में विधि और बीएड जैसे पाठ्यक्रम शुरू करने, छात्र शिकायत एवं समाधान केंद्र स्थापित करने तथा सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास की व्यवस्था करने की मांग की गई है।
परिषद् नेताओं ने कहा कि जब तक प्रमुख मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से लिखित और प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी भी दी गई है।
भूख हड़ताल के समर्थन में हिमांशु दुबे, विकास भगत, सूरज कुमार, मनीष मंडल, संजय पाल, प्रहलाद शर्मा, वरुण चंद्र, दीवाना कुमार, राहुल कुमार, विकास ठाकुर सहित अच्छी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं कार्यकर्ता उपस्थित थेे।
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हिन्दुस्थान समाचार / नीरज कुमार

