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कैसरे हिंद की जमीन पर बनी दुकानों में गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई : सुदिव्य

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कैसरे हिंद की जमीन पर बनी दुकानों में गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई : सुदिव्य


रांची, 09 मार्च (हि.स.)। झारखंड विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के 9 वें दिन सोमवार को नगर विकास, पर्यटन, पथ और उच्च शिक्षा विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि राज्य सरकार ने इस बार समावेशी बजट तैयार किया है। सदन में विपक्ष के कटौती प्रस्ताव पर असहमति जताते हुए मंत्री ने कहा कि कैसरे हिंद की सरकारी जमीन है। यहां पर दुकानें नहीं बन सकती। यदि कैसरे हिंद की जमीन पर आवंटित दुकानों में किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में पथ निर्माण विभाग ने 88.89 प्रतिशत, नगर विकास विभाग ने 83 प्रतिशत, उच्च शिक्षा विभाग ने 54.27 प्रतिशत, भवन निर्माण विभाग ने 85.46 प्रतिशत और पर्यटन, खेलकूद, कला-संस्कृति विभाग ने लगभग 63 प्रतिशत बजट राशि खर्च कर ली है। उन्होंने कहा कि केवल आधारभूत संरचनाओं का विकास ही नहीं, बल्कि लोगों के पेट में अनाज होना भी उतना ही जरूरी है। यह बजट झारखंड के सपनों को नई उड़ान देने वाला है।

उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकार ने तो स्कूल बंद करने का काम किया था। लेकिन वर्तमान हेमंत सोरेन की सरकार का शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित अन्य मूलभूत चीजों पर कार्य कर रही है। मंत्री ने कहा कि नेतरहाट जैसा बेहतर स्कूल को फिर से उसकी पुरानी गरिमा दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें प्रवेश परीक्षा झारखंड एकेडमिक काउंसिल के माध्यम से आयोजित की जाएगी।

सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की गुणवत्ता का मुकाबला निजी स्कूल भी नहीं कर सकते।

उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 1.33 प्रतिशत और माध्यमिक स्तर पर 3.49 प्रतिशत रह गई है। मंत्री ने बताया कि राज्य के लगभग 34 हजार स्कूलों के लिए बजट का 12 प्रतिशत खर्च किया जा रहा है। राज्य के 11 नगर निकायों में कचरा प्रोसेसिंग का काम शुरू हो चुका है और माइनिंग टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई संस्थानों के साथ एमओयू किए गए हैं।

मंत्री ने कहा कि विपक्ष को कटौती प्रस्ताव वापस लेना चाहिए ताकि राज्य का सर्वांगीण विकास हो सके। इसके साथ ही स्पीकर ने नगर विकास एवं आवास विभाग, पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा सहित छह विभागों के कटौती प्रस्ताव अस्वीकार करते हुए उनकी मांगें स्वीकृत कर दी। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही मंगलवार की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar