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गेरुआ रंग में रंगा बाबाधाम, अंतिम सोमवार को जलार्पण के लिए उमड़े शिवभक्त

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गेरुआ रंग में रंगा बाबाधाम, अंतिम सोमवार को जलार्पण के लिए उमड़े शिवभक्त


देवघर, 23 अगस्त (हि.स.)। राजकीय श्रावणी मेला अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ने के बावजूद आस्था और भक्ति के चरम पर है। सावन के अंतिम सोमवार को जलाभिषेक के लिए रविवार देर शाम से ही देवघर में कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने लगी। इस वर्ष सावन में चार सोमवार पड़ने के कारण प्रत्येक सोमवार को बाबाधाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। तीन सोमवार के बाद अब अंतिम सोमवार को जलार्पण के लिए बड़ी संख्या में कांवड़िये देवघर पहुंच चुके हैं। देर रात तक शहर के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ बीएड कॉलेज परिसर में भी कांवड़ियों की अच्छी-खासी संख्या जमा हो गई।

अंतिम सोमवार को लेकर जिला प्रशासन पहले से ही पूरी तरह मुस्तैद रहा। रविवार देर रात जिला स्तर के अधिकारियों ने स्वयं कांवरिया रूट का निरीक्षण किया और भीड़ की स्थिति के अनुसार व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा तक हर पहलू पर विशेष नजर रखी गई।

इससे पहले श्रावणी मेले के 25वें दिन रविवार तड़के बाबा बैद्यनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही कतारबद्ध कांवड़ियों ने बाबा बैद्यनाथ पर पवित्र गंगाजल अर्पित कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी। मंदिर में जलार्पण का सिलसिला लगातार जारी रहा।

सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का जल लेकर देवघर पहुंच रहे शिवभक्तों के उत्साह के आगे थकान और नींद भी बेअसर नजर आई। भोर की पहली किरण के साथ ही पूरा रूट लाइन गेरुआ वस्त्रधारी कांवड़ियों से पट गया। कतार में आगे बढ़ते कांवड़ियों के जयघोष से बाबाधाम और पूरा मेला क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।

श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने रूट लाइन में विशेष व्यवस्था की है। सुरक्षा के साथ पेयजल, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारी भीड़ की स्थिति और व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आवश्यकतानुसार इंतजाम दुरुस्त कर रहे हैं।

हालांकि, पिछले दो दिनों से बारिश नहीं होने के कारण कांवड़ियों पथ पर शिवभक्तों को तेज धूप और गर्मी का सामना करना पड़ा। गर्मी के कारण कई जगह कांवड़ियों के कदम रुक-रुककर आगे बढ़ते दिखाई दिए। इसके बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई।

सावन के अंतिम सोमवार के बाद कांवड़ियों की भीड़ में कमी आने की संभावना है। हालांकि, भादो माह में एक बार फिर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। भादो में स्पर्श पूजा शुरू होने की चर्चा के बीच जानकारों का मानना है कि इससे बाबाधाम में श्रद्धालुओं की भीड़ दोबारा बढ़ सकती है। ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से आगामी दिनों के लिए भी आवश्यक तैयारियां जारी रखने की संभावना है।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy