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मुख्यमंत्री से आईटी और उद्योग विभाग के सचिव ने की मुलाकात, सम्मेलन के लिए किया आमंत्रित

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मुख्यमंत्री से आईटी और उद्योग विभाग के सचिव ने की मुलाकात, सम्मेलन के लिए किया आमंत्रित


रांची, 02 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से गुरुवार को झारखण्ड मंत्रालय में सचिव आईटी विभाग पूजा सिंघल और सचिव उद्योग विभाग अरवा राजकमल ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को उक्त अधिकारियों ने आगामी 08 एवं 09 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय परामर्श सम्मेलन (नेशनल स्टेक होल्डर्स कंसल्टेशन) में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया। मौके पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के विशेष सचिव राजीव लोचन बक्शी मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि झारखण्ड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 08 और 09 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में 'नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन' का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अगुवाई में होने वाले इस दो दिवसीय कार्यक्रम में राज्य के औद्योगिक, तकनीकी और पर्यटन विकास का रोडमैप खींचा जाएगा। दो दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में देश-विदेश के कई बड़े नीति निर्धारक, निवेशक और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।

यह कार्यक्रम बदलते परिवेश को देखते हुए झारखण्ड में आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, डिजिटल गवर्नेंस, औद्योगिक विकास और पर्यटन के क्षेत्र में संभावनाओं को आगे बढ़ाने तथा एक्सप्लोर इंफिनाइट अपॉर्चुनिटीज के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार का मानना है कि इस आयोजन से न केवल झारखण्ड में निवेश आएगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

यह आयोजन विश्व आर्थिक मंच, दावोस में राज्य की पहली बार हुई मौजूदगी और उससे निकले परिणाम को मजबूत करने और राज्य में वैश्विक निवेश को गति देने, राज्य की कोर थीम एक्सप्लोर इंफिनाइट अपॉर्चुनिटीज को धरातल पर उतारने और 'झारखण्ड विज़न 2050' के दीर्घकालिक लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। कार्यक्रम के पहले दिन के पहले सत्र में 'डिजिटल गवर्नेंस और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर' पर गहन चर्चा होगी। इसमें देश के शीर्ष आईटी विशेषज्ञ और सरकारी नीति निर्माता झारखण्ड में आधुनिक आईटी, आईटी पार्क, एआई और डिजिटल गवर्नेंस से जुड़े निवेश तथा साझेदारी को तलाशने पर विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद सरकार और आईटी,एआई और डिजिटल गवर्नेंस से जुड़े व्यापारिक प्रतिनिधियों के बीच (बीटूजी ) सीधी बातचीत होगी। पहले दिन का समापन 'झारखण्ड में एआई भविष्य को आकार देना' विषय पर केंद्रित विशेष सत्र से होगा, जहां राज्य के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की नीति प्रारूप पर चर्चा होगी और एआई क्षेत्र की संभावनाओं पर जोर रहेगा। इस बीच आईटी विभाग और कंपनियों के बीच कुछ एमओयू भी हस्ताक्षर किया जायेगा।

दूसरे दिन के सत्रों में इन्वेस्टमेंट एंड इन्क्लूसिव डेवलपमेंट और टूरिज्म' पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके तहत निवेशकों के समक्ष राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन क्षमताओं को प्रदर्शित कर निवेश आकर्षित किया जाएगा।

कार्यक्रम का समापन राज्य की समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित करते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ होगा जिसमें झारखण्ड राज्य की संस्कृति, नृत्य संगीत से देश-विदेश के कई गणमान्य व्यक्ति, उद्योग जगत से जुड़े लोग कई लोग शामिल होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे