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खेत बचाओ अभियान के तहत विक्रेताओं को जैविक खेती के लिए किया प्रेरित

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खेत बचाओ अभियान के तहत विक्रेताओं को जैविक खेती के लिए किया प्रेरित


देवघर, 29 अक्टूबर (हि.स.)। खेतों की उर्वरता बनाए रखने, मिट्टी एवं जल संरक्षण को बढ़ावा देने और किसानों को जैविक खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से साई क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता की ओर से खेत बचाओ अभियान के तहत कृषक गोष्ठी सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसमें 60 से अधिक उर्वरक, बीज एवं कीटनाशी विक्रेताओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम में बिहार के भागलपुर, बांका और खगड़िया जिलों के विक्रेता भी शामिल हुए। देवघर स्थित वायोरी इन के सभागार में आयोजित गोष्ठी में विक्रेताओं को जैविक खेती, कृषि उत्पादों के उचित उपयोग और किसानों को वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करने की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में देवघर के प्रखंड कृषि पदाधिकारी शशांक शेखर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने सरकार की ओर से संचालित खेत बचाओ अभियान के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए संतुलित उर्वरक उपयोग और डिजिटल कृषि के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि किसान जब बीज खरीदने प्रतिष्ठानों में आते हैं, तो विक्रेताओं को उन्हें बीज उपचार के लिए अवश्य प्रेरित करना चाहिए। उचित तरीके से बीज उपचार करने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में वृद्धि की संभावना रहती है। उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का अनावश्यक उपयोग कम करने और जैविक व प्राकृतिक खेती के विकल्प अपनाने के लिए जागरूक करने की अपील की।

साई क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड के डीजीएम सुमन कुमार सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कंपनी के उत्पादों ग्रीन गोल्ड, साई ट्राइकोडर्मा, साई पावर प्लस, साई मैजिक और बायो मैन्योर की जानकारी दी। उन्होंने इनके उपयोग एवं कृषि में संभावित लाभों के बारे में बताया। उन्होंने यह भी दावा किया कि कंपनी के उत्पादों को ओडिशा के कटक स्थित चावल अनुसंधान केंद्र से प्रमाणन प्राप्त है।

कंपनी के रीजनल मैनेजर प्रणव कुमार और वीरेंद्र मिश्रा ने भी कृषि उत्पादों के इस्तेमाल की विधि, मात्रा और सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान विक्रेताओं को किसानों तक सही कृषि तकनीक और उत्पादों के उचित उपयोग की जानकारी पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।

प्रखंड कृषि पदाधिकारी शशांक शेखर ने बताया कि सरकार की ओर से सभी पंचायतों में खेत बचाओ अभियान के तहत कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य किसानों को मिट्टी की सेहत के प्रति जागरूक करना, संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देना और जैविक एवं प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करना है।

उन्होंने कहा कि विक्रेता किसानों और कृषि विभाग के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी है कि वे किसानों को बीज उपचार, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा पर्यावरण अनुकूल खेती के तरीकों के बारे में सही जानकारी दें।

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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy