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भारतीय जीवनदर्शन और प्रकृति के नवोदय का प्रतीक है चैत्र शुक्ल प्रतिपदा : गोपाल शर्मा

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भारतीय जीवनदर्शन और प्रकृति के नवोदय का प्रतीक है चैत्र शुक्ल प्रतिपदा : गोपाल शर्मा


भारतीय जीवनदर्शन और प्रकृति के नवोदय का प्रतीक है चैत्र शुक्ल प्रतिपदा : गोपाल शर्मा


रांची, 19 मार्च (हि.स.)।

भारतीय नववर्ष के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में रांची महानगर केे चुटिया भाग की ओर से आयोजित भव्य कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए स्वयंसेवक, मातृशक्ति सहित सैकडों प्रबुद्ध उपस्थित थे।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और आरती के साथ हुआ।

इस अवसर पर प्रांत प्रचारक गोपाल शर्मा ने भारतीय नववर्ष की महत्ता को स्पष्ट करते हुए कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा केवल एक तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि भारतीय जीवनदर्शन, प्रकृति के नवोदय और सृष्टि के प्रारंभ का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी और इसी दिन से चैत्र नवरात्र का प्रारंभ होता है, जिसमें नौ दिनों तक शक्ति के विभिन्न स्वरूपों की उपासना की जाती है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में शक्ति की उपासना का विशेष महत्व है। नवरात्र के इन नौ दिनों में उपवास, साधना और संयम के माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर की नकारात्मक प्रवृत्तियों ईर्ष्या, द्वेष, लोभ और अहंकार को समाप्त कर आत्मशुद्धि और आत्मबल की प्राप्ति करता है। यह पर्व हमें यह भी सिखाता है कि सशक्त समाज ही सुरक्षित और समृद्ध समाज का निर्माण कर सकता है।

प्रांत प्रचारक गोपाल शर्मा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संघ ने कोई नए उत्सव नहीं बनाए हैं, बल्कि समाज में प्रचलित परंपरागत उत्सवों को ही संगठित रूप में मनाकर उनमें राष्ट्रीय चेतना का संचार किया है। संघ के छह उत्सव समाज को जोड़ने, संस्कारवान बनाने और राष्ट्रभाव जागृत करने के माध्यम हैं। संघ का मूल उद्देश्य व्यक्ति निर्माण है, क्योंकि सशक्त व्यक्तियों से ही सशक्त समाज और राष्ट्र का निर्माण संभव है।

उन्होंने संघ के संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि अत्यंत साधारण परिस्थितियों में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपना संपूर्ण जीवन समाज सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने वर्ष 1925 में संघ की स्थापना कर एक ऐसे संगठन का निर्माण किया, जो आज अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर समाज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन का कार्य कर रहा है।

कार्यक्रम में संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। इनमें घर-घर संपर्क अभियान, सामाजिक समरसता बैठकों का आयोजन, हिंदू सम्मेलन, प्रबुद्ध जन गोष्ठी तथा युवाओं के लिए विशेष संवाद कार्यक्रम प्रमुख हैं। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य समाज में एकता, समरसता और राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ करना है।

प्रांत प्रचारक गोपाल शर्मा ने पंच परिवर्तन की अवधारणा पर विशेष बल देते हुए कहा कि वर्तमान समय में समाज परिवर्तन के लिए पांच प्रमुख विषयों पर कार्य करना जरूरी है। इसमें कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्वदेशी जीवनशैली, नागरिक कर्तव्य का पालन और पर्यावरण का संरक्षण शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार संस्कारों का केंद्र होना चाहिए, जहां से राष्ट्रभक्ति, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित हो।

सामाजिक समरसता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि जाति, वर्ग एवं भेदभाव की दीवारों को समाप्त कर समाज में एकात्मता का भाव स्थापित करना समय की आवश्यकता है। हम सभी भारत माता के पुत्र हैं इस भावना को आत्मसात करना ही सच्ची राष्ट्रसेवा है।

स्वदेशी जीवनशैली को अपनाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि हमें अपने दैनिक जीवन में भारतीय उत्पादों, भाषा और परंपराओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।

पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में उन्होंने पेड़ लगाओ, प्लास्टिक हटाओ और पानी बचाओ का संदेश देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को माता के रूप में पूजने की परंपरा रही है।

अपने उद्बोधन में उन्होंने आधुनिक समाज में बढ़ रही डबल इनकम नो किड्स (डीआईएनके) प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पारिवारिक व्यवस्था और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए सुदृढ़ कुटुंब व्यवस्था अत्यंत जरूरी है।

उन्होंने भारतीय नववर्ष की तुलना में 01 जनवरी के नववर्ष की चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय नववर्ष का आधार प्रकृति, संस्कृति और वैज्ञानिक गणना पर आधारित है, जबकि 01 जनवरी का नववर्ष केवल एक कैलेंडर आधारित व्यवस्था है। भारतीय नववर्ष में बसंत ऋतु का आगमन, प्रकृति का नवसृजन और जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है, जो इसे विशेष बनाता है।

इस अवसर पर अजय, महानगर सह संघचालक शशिकांत, भाग प्रमुख मनोज, माधव नगर, श्रीराम नगर और चाणक्य नगर के संघचालक, विभाग प्रचारक मंटू, महानगर प्रचारक विशाल सहित अन्य मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे