बिरहोर जनजाति की 15 महिलाओं को रोप क्राफ्ट प्रशिक्षण,आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ाया कदम
रामगढ़, 07 मार्च (हि.स.)। पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) ने अपने सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत स्वर्णरेखा महिला समिति के सहयोग से बिरहोर जनजाति की 15 महिलाओं के लिए 35 दिवसीय रोप क्राफ्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शनिवार को सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया।
समापन समारोह के अवसर पर स्वर्णरेखा महिला समिति की अध्यक्ष रेनू सहगल ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए उनके समर्पण और सीखने की उत्सुकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि रोप क्राफ्ट जैसे कौशल न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएंगे, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होंगे।
रेनू सहगल ने कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं अपने हाथों से तैयार किए गए रोप क्राफ्ट उत्पादों को बाजार में बेचकर आय का नया स्रोत विकसित कर सकती हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे अपने परिवार के लिए भी बेहतर योगदान दे पाएंगी।
उन्होंने बताया कि रोप क्राफ्ट से तैयार होने वाले उत्पाद पूरी तरह इको-फ्रेंडली होते हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। आज के समय में पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, ऐसे में यह कौशल महिलाओं के लिए रोजगार का बेहतर अवसर बन सकता है।
गौरतलब है कि बिरहोर जनजाति लंबे समय से मुख्यधारा के विकास से दूर रही है। ऐसे में पीवीयूएनएल की यह पहल इन महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रशिक्षण में शामिल अधिकांश महिलाओं ने इससे पहले कभी किसी औपचारिक या संगठित कौशल विकास कार्यक्रम में भाग नहीं लिया था।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को रोप क्राफ्ट से विभिन्न उपयोगी और सजावटी वस्तुएं बनाना सिखाया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए। इस पहल से बिरहोर जनजाति की महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और उनके लिए आजीविका के नए अवसर भी खुलने की उम्मीद है।------------
हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

