चुट्टूपालू घाटी में बने रिजिड बैरियर से गई बाइक सवार की जान
रामगढ़, 25 जुलाई (हि.स.)। रामगढ़ का चुट्टूपालू घाटी दुर्घटनाओं को लेकर अतिसंवेदनशील है। यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं, जिन्हें रोकने के लिए जिला प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारी अलग-अलग स्तर पर काम कर रहे हैं। लेकिन घाटी में जिस रिजिड बैरियर को दुर्घटना रोकने के लिए बनाया गया था, वही बैरियर अब लोगों की जान ले रहा है। शुक्रवार की रात एक बाइक सवार की जान सिर्फ रिजिड बैरियर की वजह से चली गई। अगर वह बैरियर वहां नहीं होता तो शायद उसकी जान बच जाती।
घाटी में रांची से की ओर से आने वाले भारी वाहनों की गति इतनी तेज होती है कि उनका संतुलन बिगड़ जाता है। सड़क के तीखे मोड़ पर बनाए गए रिजिड बैरियर की वजह से ना सिर्फ सड़क संकीर्ण हुई, बल्कि वहां से गुजरने वाले लोग अचानक अपने वाहन से संतुलन खो बैठते हैं।
शुक्रवार की रात रांची से रामगढ़ लौट रहे रजरप्पा थाना क्षेत्र के एक कपड़ा व्यवसाई विवेक भारती की जान सिर्फ रिजिड बैरियर की वजह से चली गई। विवेक भारती के पिता भरपुर गांव निवासी चिंतामणि महतो ने बताया कि विवेक कपड़े का व्यवसाय करता था। रांची से ऑर्डर देकर वह अकेले ही बाइक (जेएच 02 एन 5275) से लौट रहा था। घाटी में पीछे से आ रहे एक ट्रक (एचपी 58 डब्ल्यू 8958) काफी तेज गति से जैसे ही उस तीखे मोड़ पर पहुंचा, उसका संतुलन बिगड़ा और आगे जा रहे बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी की बाइक सवार विवेक आगे जा रहे ऑटो जेएच 01 सीवाई से टकराया और रिजिड बैरियर में फंस गया। जिससे उसकी घटनास्थल पर ही जान चली गई।
डीसी ऋतुराज के निर्देश के बावजूद चुट्टूपालू घाटी में रिजिड बैरियर को नहीं हटाया गया। एक महीने पहले डीसी और एसपी ने खुद घाटी का निरीक्षण किया था। उस दौरान स्ट्रिप्स ब्रेकर और रिजिड बैरियर की परेशानी से भी अवगत हुए थे। इस दौरान एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को अधिकारियों ने तत्काल दुर्घटना रोकने के लिए कई उपाय करने के निर्देश दिए थे। उसमें एक निर्देश यह भी था कि रिजिड बैरियर को सड़क के किनारे से हटाया जाए, ताकि दुर्घटना की संभावनाओं को कम किया जा सके। एनएचएआई के अधिकारियों ने कुछ जगह पर काम किया। एस्केप लेन बनाएं लेकिन स्ट्रिप्स ब्रेकर और रिजिड बैरियर पर कोई काम नहीं किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

