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वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा में जांच और दवा की उपलब्धता पर जोर

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वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा में जांच और दवा की उपलब्धता पर जोर


देवघर, 06 मई (हि.स.)। स्थानीय जिला वीबीडी कार्यालय में वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम को लेकर मासिक समीक्षा बैठक सह प्रयोगशाला प्रावैधिकी का उन्मुखीकरण आयोजित किया गया।

बैठक की अध्यक्षता जिला वीबीडी पदाधिकारी डॉ अभय कुमार यादव ने की, जबकि जिला भीबीडी सलाहकार डॉ गणेश कुमार यादव मौजूद रहे। बैठक में जिले के सभी सीएचसी से एमटीएस, एसआई, एलटी, एसडब्ल्यू, एमपीडब्ल्यू के साथ-साथ पिरामल फाउंडेशन के जिला लीड अभिषेक कात्यायन, प्रखंड स्तर के पीओसीडी, तथा जिला वीबीडी कार्यालय के एफएलए रवि सिन्हा और डीईओ कांग्रेस मंडल ने भाग लिया।

अप्रैल माह में संचालित कार्यों के आधार पर सभी सीएचसी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट की क्रमवार समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया। आगामी मॉनसून को ध्यान में रखते हुए मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और जापानी इंसेफेलाइटिस जैसे मच्छर जनित रोगों की रोकथाम को लेकर विशेष चर्चा हुई। बैठक में जांच, दवाओं, उपकरणों, कीटनाशी और लार्वानाशी रसायनों और फॉगिंग सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

इसके अलावा 15 मई से शुरू होने वाले मलेरिया कीटनाशी छिड़काव (आईआरएस) अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। अक्टूबर-नवंबर 2025 में रात्रि रक्तपट्ट संग्रह के दौरान चिन्हित माइक्रोफाइलेरिया पॉजिटिव मरीजों के पुनः जांच और फॉलोअप को लेकर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिया गया। साथ ही स्टेज 03 से 07 तक के चिन्हित लिम्फोडिमा रोगियों को मॉर्बिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसेबिलिटी प्रिवेंशन (एमएमडीटी) किट और एमसीआर चप्पलों का वितरण सहिया और आंगनबाड़ी सेविकाओं के माध्यम से प्रशिक्षण के साथ शीघ्र सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy