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रजरप्पा की प्राकृतिक छटा से छेड़छाड़ किए बिना हो पुनर्विकास : सचिव

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रजरप्पा की प्राकृतिक छटा से छेड़छाड़ किए बिना हो पुनर्विकास : सचिव


रजरप्पा की प्राकृतिक छटा से छेड़छाड़ किए बिना हो पुनर्विकास : सचिव


रामगढ़, 09 अप्रैल (हि.स.)। रजरप्पा मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के पुनर्विकास की योजना जल्द धरातल पर पहुंचेगी। जिला प्रशासन यहां की धार्मिक मर्यादा और प्राकृतिक छटा से छेड़छाड़ किए बिना इस योजना को शुरू करेगा। यह बातें गुरुवार को रजरप्पा पहुंचे पर्यटन विभाग के सचिव मुकेश कुमार ने कही।

वे रामगढ़ डीसी फैज अक अहमद मुमताज के साथ रजरप्पा मंदिर पहुंचे थे। यहां उन्होंने प्रस्तावित रजरप्पा मंदिर परिसर पुनर्विकास परियोजना के कार्यान्वयन को लेकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पर्यटन सचिव ने मंदिर परिसर स्थित प्रशासनिक भवन में रामगढ़ डीसी सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान पुनर्विकास कार्य का प्राक्कलन, कार्य योजना, श्रद्धालुओं की सुविधा पर चर्चा की गई।

मौके पर मंदिर के पुनर्विकास कार्य का प्राक्कलन के अनुसार सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए तैयार किए गए बजट और ब्लूप्रिंट की समीक्षा हुई। निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने और उसे समय सीमा के भीतर पूरा करने की रणनीति बनी। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुगम मार्ग, कतार प्रबंधन और अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार के बारे में बताया गया।

बैठक के बाद सचिव ने पूरे मंदिर परिसर का भ्रमण किया। उन्होंने प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लिए चिन्हित स्थलों का बारीकी से मुआयना किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्राकृतिक स्वरूप का संरक्षण जरूरी है। विकास कार्यों के दौरान मंदिर की धार्मिक मर्यादा और वहां की प्राकृतिक सुंदरता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाए।

सचिव ने बताया कि इस पुनर्विकास परियोजना का मुख्य उद्देश्य रजरप्पा को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में वैश्विक पहचान दिलाना है। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

मौके पर प्रबंध निदेशक जेटीडीसी, डीडीसी आशीष अग्रवाल, डीएफओ नीतीश कुमार, जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारी और पर्यटन विभाग के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश