रांची विवि के आईएलएस को न्याय बंधु कार्यक्रम के तहत मिली एक लाख की राशि
रांची, 24 सितंबर (हि.स.)। रांची विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज (आईएलएस) के लिए यह गौरव का क्षण है कि भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के अंतर्गत डिजाइनिंग इनोवेटिव सोल्यूजशंस फोर हॉल्स्टिक जस्टिस इन इंडिया (दिशा 2.0) योजना के न्यालय बंधु कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालय को एक लाख रुपये की प्रथम किस्त स्वीकृत की गई है।
स्वीकृति से संबंधित आदेश 10 सितंबर 2026 को जारी किया गया है।
इस उपलब्धि पर रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सरोज शर्मा ने आईएलएस की टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिबद्धता और समाज के व्यापक हित में कार्य करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वहीं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की निदेशक डॉ स्मृति सिंह ने भी आईएलएस के निदेशक और सभी शिक्षकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह स्वीकृति आईएलएस की सक्रियता, प्रतिबद्धता और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक कार्यों का उत्साहवर्धन करने वाली उपलब्धि है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि न्या्य बंधु कार्यक्रम के माध्यम से विधि शिक्षा को समाज की न्याय संबंधी आवश्यकताओं से जोड़ने की दिशा में संस्थान प्रभावी भूमिका निभाएगा।
स्वीकृति आदेश में यह राशि आईएलएस, रांची विश्वविद्यालय को न्यावय बंधु कार्यक्रम के अंतर्गत प्रथम रिलीज के रूप में दर्ज है।
विद्यार्थियों को समाज के वंचित वर्गों तक कानूनी सहायता पहुंचाने का मिलेगा अवसर
क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक कानूनी सहायता एवं न्याय तक पहुंच से संबंधित गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों में प्रो-बोनो लीगल सर्विसेस, लीगए ऐड, एक्सेिस टू जस्टिस एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूकता और व्यावहारिक समझ विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
संस्थान की ओर से द्वारा प्रो-बोनो क्लएब की गतिविधियों का संचालन डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस की ओर से निर्धारित स्टैंधडर्ड ऑपरेरिंग प्रोसीडयोर (एसओपी) के अनुरूप किया जाएगा। क्लब की ओर से प्रत्येक माह की गतिविधियों की प्रगति रिपोर्ट मंथली प्रोग्रेस रिपोर्ट (एमपीआर) के रूप में अगले माह की 05 तारीख तक प्रस्तुत की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

