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रांची नगर निगम ने कई प्लॉट को कराया अतिक्रमणमुक्त, विकास योजनाओं में होगा उपायोग

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रांची नगर निगम ने कई प्लॉट को कराया अतिक्रमणमुक्त, विकास योजनाओं में होगा उपायोग


रांची, 14 सितंबर (हि.स.)। रांची नगर निगम की पिछले एक वर्ष से चली आ रही मेहनत अब जमीन पर दिखाई देने लगी है। जिन निगम संपत्तियों और महत्वपूर्ण भूमियों पर वर्षों से अतिक्रमण और अनाधिकृत कब्जे की स्थिति बनी हुई थी, उन्हें चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमणमुक्त कर अब सुरक्षित किया जा रहा है। इन भूमियों का सीमांकन, बाउंड्री वॉल निर्माण और भविष्य में जनोपयोगी योजनाओं के लिए उनका सुव्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में निगम ने पिछले एक वर्ष में व्यापक कार्रवाई की है।

इस संबंध में रांची नगर निगम की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा गया है कि निगम की जमीन केवल जमीन नहीं, बल्कि रांची के भविष्य के विकास की पूंजी है।

निगम की रणनीति केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है। अतिक्रमणमुक्त कराई गई भूमि का सीमांकन, संरक्षण, अभिलेखीकरण और भविष्य की आवश्यकता के अनुरूप उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि सार्वजनिक संपत्तियां दोबारा अतिक्रमण की चपेट में न आए और आने वाले वर्षों में इनका अधिकतम जनहित में उपयोग किया जा सके।

इन भूमि को कराया गया अतिक्रमणमुक्त

- निगम की टीम की ओर से एदलहातू में लगभग 4.8 एकड़, कुसुम बिहार में 78.65 डिसमिल, करमटोली तालाब में 51 डिसमिल, ग्वाला टोली, डोरंडा में लगभग 1.20 एकड़ और उर्दू स्कूल, थड़पखना में 31.5 डिसमिल भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया गया है। सीमांकन के बाद इन स्थानों पर बाउंड्री वॉल निर्माण की की जा रही है।

- मोरहाबादी इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन, मोरहाबादी रजिस्ट्री ऑफिस, नागा बाबा खटाल एमआरएफ सेंटर, ट्रेकर स्टैंड एमआरएफ सेंटर और बकरी बाजार स्टोर जैसी महत्वपूर्ण निगम परिसंपत्तियों को भी सुरक्षित और संरक्षित करने के लिए बाउंड्री वॉल निर्माण का कार्य किया जा रहा है।

- धुर्वा आश्रय गृह, जगन्नाथपुर आश्रय गृह एवं खादगढ़ा आश्रय गृह की परिसंपत्तियों के संरक्षण के लिए भी बाउंड्री वॉल निर्माण की कार्रवाई की जा रही है।

- बड़ा घाघरा में लगभग 2.80 एकड़, मानिटोला में लगभग 05 एकड़, पिंजरा पोखर/गौशाला चौक में लगभग 11 डिसमिल, डोरंडा बाजार में लगभग 01 एकड़ और बूटी मोड़ चौक में लगभग 0.44 एकड़ भूमि को भी अतिक्रमणमुक्त कर सीमांकन एवं संरक्षण की कार्रवाई की गई है।

- तुपुदाना में निफ्ट के पास, कांटाटोली बस स्टैंड, बड़गाई, बाधगाड़ी सहित अन्य क्षेत्रों में भी सरकारी और निगम से संबंधित भूमियों को अतिक्रमणमुक्त कराने की कार्रवाई की गई है।

अतिक्रमणमुक्त भूमि पर होंगे विकास के कार्य

निगम का कहना है कि रांची नगर निगम का उद्देश्य इन भूमियों को केवल खाली रखना नहीं, बल्कि आवश्यकता के अनुरूप इन्हें जनोपयोगी परिसंपत्तियों में परिवर्तित करना है।

अतिक्रमणमुक्त की गई महत्वपूर्ण भूमि में से मोरहाबादी इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन, मोरहाबादी रजिस्ट्री ऑफिस, बूटी मोड़ और डोरंडा बाजार क्षेत्र में व्यवस्थित एवं सुविधाजनक वेंडिंग जोन विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। इससे फुटपाथ और सड़क किनारे बिखरे हुए वेंडिंग को व्यवस्थित स्थान मिल सकेगा।

इसी क्रम में दैनिक मजदूरों को सम्मानजनक और व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डोरंडा बाजार एवं लोआडीह में लेबर चौक विकसित किया गया है। निगम की अन्य उपयोगी भूमि पर भी लाइब्रेरी, आश्रय गृह, सार्वजनिक सुविधाएं, स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी आधारभूत संरचनाएं सहित अन्य जनोपयोगी योजनाएं विकसित किए जाने की दिशा में कार्य किए जाएंगे।

निगम की ओर से कहा गया है कि मजबूत और स्पष्ट म्युमनिसिपल असेट बेस नगर निगम की वित्तीय और संस्थागत क्षमता को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भविष्य में म्युनिसिपल बांड, पीपीपी प्रोजेक्टिस और अर्बन चैलेंज फंड जैसी वित्तीय व्यवस्थाओं एवं विकास अवसरों का लाभ उठाने के लिए नगर निकाय के पास स्पष्ट स्वामित्व वाली, सुरक्षित तथा व्यवस्थित परिसंपत्तियों का होना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अतिक्रमण से विकास की ओर- निगम की नई दिशा

रांची नगर निगम की ओर से पिछले एक वर्ष में की गई कार्रवाई का मूल उद्देश्य यही है कि सार्वजनिक भूमि सार्वजनिक हित में रहे। राजधानी में जो जमीन वर्षों से अतिक्रमण की वजह से शहर के विकास में उपयोग नहीं हो पा रही थी, उसे अब वापस लेकर संरक्षित किया जा रहा है और चरणबद्ध तरीके से ऐसी परिसंपत्तियों के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिनका लाभ वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को मिल सके।

निगम आने वाले समय में भी निगम की अन्य भूमि और परिसंपत्तियों का सर्वेक्षण, अभिलेखीकरण, सीमांकन, अतिक्रमणमुक्ति एवं संरक्षण जारी रखेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak