रामगढ़ कॉलेज में गूंजा करम की थाप, संस्कृति के साथ पर्यावरण का संदेश
रामगढ़, 19 सितंबर (हि.स.)। रामगढ़ महाविद्यालय के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के तत्वावधान में शनिवार को करम महोत्सव का आयोजन किया गया। पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य के बीच आयोजित समारोह में करमा पर्व की सांस्कृतिक विरासत के साथ पर्यावरण संरक्षण, भाई-बहन के प्रेम और कृषि परंपरा के महत्व को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विधायक ममता देवी थींं। विशिष्ट अतिथि के रूप में खोरठा भाषा के लेखक गजाधर महतो प्रभाकर और कुरमाली भाषा के लेखक एवं मौसम वैज्ञानिक रतन कुमार महतो सत्यार्थी मौजूद थेे। प्राचार्य प्रो डॉ बिमल कुमार मिश्रा ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर स्वागत और सम्मान किया। अतिथियों को प्रशासनिक भवन से बहुउद्देशीय भवन तक पारंपरिक नृत्य-गीत के साथ ले जाया गया।
मुख्य अतिथि ममता देवी ने कहा कि करमा पर्व हम सभी को पर्यावरण के महत्व का संदेश देता है। हमारा पूरा जीवन पर्यावरण पर निर्भर है, इसलिए इसकी रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने हर पर्व-त्योहार और खुशी के अवसर पर पौधरोपण करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि करमा पर्व भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने का संदेश भी देता है। भाई अपनी बहन का सम्मान करे, उससे प्रेम करे और उसकी सुरक्षा करे, करमा पर्व की परंपरा में यह भावना स्पष्ट दिखाई देती है।
कुरमाली भाषा के विद्वान लेखक और मौसम वैज्ञानिक रतन कुमार महतो सत्यार्थी ने करमा पर्व को बेहतर कृषि व्यवस्था और प्रकृति के साथ सामंजस्य का संदेश देने वाला पर्व बताया। वहीं, खोरठा भाषा के लेखक गजाधर महतो प्रभाकर ने करमा और धरमा नामक दो भाइयों की कथा सुनाते हुए पर्व से जुड़े सामाजिक एवं सांस्कृतिक संदेशों पर प्रकाश डाला।
प्राचार्य प्रो डॉ बिमल कुमार मिश्रा ने महाविद्यालय की प्रगति, उपलब्धियों और भविष्य के लक्ष्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रामगढ़ महाविद्यालय को विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने के लिए विधायक की ओर से किए जा रहे प्रयासों को और गति देने की आवश्यकता है। खोरठा विभागाध्यक्ष बीरबल महतो ने विषय प्रवेश कराया। संचालन वाणिज्य विभाग के शिक्षक मोहित जैन ने किया।
समापन अवसर पर महाविद्यालय के बर्सर डॉ आरके उपाध्याय और डॉ बख्शी ओम प्रकाश सिन्हा ने महाविद्यालय की ओर से मुख्य अतिथि ममता देवी को अभिनंदन पत्र प्रदान किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

