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विद्यालय समग्र विकास और रचनात्मक कौशल का केंद्र है: परमजीत कौर

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विद्यालय समग्र विकास और रचनात्मक कौशल का केंद्र है: परमजीत कौर


-कैंब्रियन पब्लिक स्कूल में रचनात्मक कौशल और समग्र विकास पर आधारित कार्यक्रम आयोजित

रांची, 25 अप्रैल (हि.स.)। मानवतावादी दृष्टिकोण, समाज और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता तथा बच्चों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए कांके रोड स्थित कैम्ब्रियन पब्लिक स्कूल में रचनात्मक कौशल और समग्र विकास पर आधारित विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय की निदेशक सह प्राचार्या परमजीत कौर ने कहा कि शिक्षा का मुख्य उद्देश्य बच्चों को केवल पाठ्य ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन के हर क्षेत्र के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि विद्यालय इस लक्ष्य को प्राप्त करने का सबसे सशक्त केंद्र है। यदि विद्यालयी स्तर पर बच्चों को सही दिशा, प्रेरणा और प्रशिक्षण दिया जाए, तो उनके समग्र विकास की मजबूत नींव रखी जा सकती है।

प्राचार्या ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान शिक्षा नीति ‘लर्निंग बाय डूइंग’ यानी करके सीखने की अवधारणा को बढ़ावा देती है, जो व्यक्ति और राष्ट्र निर्माण के व्यवहारिक आयामों को मजबूत करती है।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विद्यालय के विभिन्न क्लबों के माध्यम से बच्चों के साथ कई रचनात्मक और ज्ञानवर्धक गतिविधियां आयोजित कीं। इसमें खेल, फिल्म, ड्रामा, मीडिया, सामान्य ज्ञान, विज्ञान एवं गणित, श्रमदान, पर्यावरण संरक्षण, वैश्विक साझेदारियां, शारीरिक शिक्षा, स्केटिंग, कानूनी साक्षरता और मतदाता जागरूकता जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।

‘कबाड़ से जुगाड़’ कार्यक्रम ने विशेष रूप से सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस गतिविधि के तहत बच्चों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पृथ्वी की रक्षा, जिम्मेदार उपभोग, असमानता का अंत, गरीबी और भूख मिटाने के प्रयास, जलवायु परिवर्तन को रोकने के उपाय तथा सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति जैसे विषयों पर रचनात्मक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने समाज को एक सकारात्मक और सशक्त संदेश दिया।

छोटे बच्चों के लिए आयोजित ‘वाटरमेलन थीम’ और ‘ग्रीन डे’ कार्यक्रम में अभिभावकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने रंग-बिरंगी प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का संदेश दिया। इसके अलावा विभिन्न समकालीन विषयों पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी तार्किक क्षमता और अभिव्यक्ति कौशल का प्रदर्शन किया।

इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों की सहभागिता रही, जिससे विद्यालय परिसर उत्साह, रचनात्मकता और सीखने के वातावरण से भर गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे