ईद मिलाद-उन-नबी पर रांची में धूमधाम से निकला जुलूस
रांची, 26 अगस्त (हि.स.)। ईद मिलाद-उन-नबी पर बुधवार को धूमधाम से रांची में जुलूस निकाला गया। एदार ए शरीया झारखंड की देखरेख में, सुन्नी बरेलवी सेंट्रल कमेटी की ओर से और उलेमा के नेतृत्व में जुलूस निकाला गया।
हिंदपीढ़ी, नाला रोड, खेत मोहल्ला, गोवाला टोली, गोदरी कुरैशी मोहल्ला, आजाद बस्ती, थड़पकना, मोरहाबादी, कांटा टोली, मौलाना आजाद कॉलोनी, गौस नगर, इलाही बख्श कॉलोनी, नेवरी सीरत नगर, बरियातू, भिट्टा, कांके, बारूह, आजाद हिंद नगर, डोरंडा, रहमत कॉलोनी, मनी टोला, गौस नगर, दर्जी मोहल्ला, फिरदौस नगर सहित अन्य जगहों से जुलूस अपने-अपने तय रास्ते से होते हुए सुबह 11 बजे कर्बला चौक पहुंचे, जहां से मौलाना मुहम्मद कुतुबुद्दीन रिजवी, मौलाना डॉ ताजुद्दीन रिजवी, मौलाना मसूद फरीदी, कारी अयूब रिजवी, मुफ्ती आकिब जावेद, अकीलुर रहमान, मो इसलाम, मो आफताब, परवेज ने संयुक्त रूप से जुलूस का नेतृत्व किया।
जुलूस विक्रांत चौक, टैक्सी स्टैंड, डेली मार्केट, उर्दू लाइब्रेरी, अंजुमन इस्लामिया होते हुए एकरा मस्जिद के पास रतन टॉकीज में सभा स्थल में तब्दील हो गया, जहां पर सभा जलसा को सम्बोधित करते हुवे एदार ए शरीया झारखंड के नाजिमे आला ने कहा कि
मिलादे मुस्तफा मनाना और यौमे विलादत हजरत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि और सल्लम का जन्म दिवस ईद मीला दुन्नबी के मौके से बड़ी धूमधाम से जुलूसे मुहम्मदी निकालना बरकत का ज़रिया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के लोगों के लिए अल्लाह तआला की तरफ़ से सबसे बड़ी बरकत व नेमत यह है कि अल्लाह ने हजरत मुहम्मद मुस्तफा को इस दुनिया में भेजा। जिसके बारे में रब ने कहा कि नेमत और फजल के मिलने पर जश्न मनाओ, आज हमें पैगंबर की शिक्षाओं पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।
सभा को संबोधित करते हुए मौलाना डॉ ताजुद्दीन ने कहा कि पैगंबर के आगमन के दिन को बड़े सम्मान के साथ मनाना सभी सहाबा की सुन्नत है और पैगंबर ने खुद अपनी मीलाद मनाई थी। हर साल खुब धुम धाम से जश्ने ईद मीलादुन्नबी मनाना इसलाम और मानवता का हिस्सा है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने कहा कि हजरत मुहम्मद सबके लिए हैं। हमें उनका आदर और सम्मान करना चाहिए। शमशेर आलम वाइस चेयरमैन अल्पसंख्यक आयोग ने कहा कि पैगंबर का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जाना चाहिए। सेक्रेटरी अकील रहमान, मुहम्मद इस्लाम, महबूब हुसैन रिजवी, मेहताब आलम, परवेज अख्तर, जमील गद्दी, भारतीय एकता कमेटी के युवाओं और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी जुलूस में व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। जय सिंह यादव, सागर कुमार, मौलाना तहजीब-उल-हसन रिजवी और अन्य प्रमुख हस्तियों ने भी भाग लिया।
सभा की समाप्ति के बाद जुलुस रतन टॉकीज मेन रोड, जीईएल चर्च, रोसपा टावर, सुजाता चौक, ओवर ब्रिज,राजेंद्र चौक, पुराना झारखंड उच्च न्यायालय होते हुए रिसालदार उर्स मैदान पहुंचा, जहां अंतिम सभा जलसा में बदल गया।
जुलूस के दौरान रांची जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। अतिरिक्त पुलिस बल और दंडाधिकारी की तैनाती की गई थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

