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प्रेस वार्ता में आलाकमान के रटा रटाये गाना गाने की थी कांग्रेस मंत्रियों में आपाधापी: भानु

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प्रेस वार्ता में आलाकमान के रटा रटाये गाना गाने की थी कांग्रेस मंत्रियों में आपाधापी: भानु


रांची, 12 अगस्त (हि.स.)।

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने कांग्रेस के मंत्रियों की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता पर चुटकी लेते हुए कहा है कि कांग्रेसी मंत्री प्रेस वार्ता नहीं कर रहे थे, उनमें बोलने की इस प्रकार आपाधापी मची थी कि मानो वे अंताक्षरी प्रतियोगिता खेल रहे थे कि कौन सबसे पहले अपने आलाकमान की ओर से रटा रटाया गाना गाएगा।

प्रदेश उपाध्यक्ष ने बुधवार को कांग्रेस की ओर से छात्र आंदोलन में भाजपा की ओर से दोहरी राजनीति करने, आंदोलन को हाईजैक करने और इस मामले में राहुल गांधी को बदनाम करने के आरोप पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि छात्रों पर बर्बरतापूर्ण एक बार नहीं बल्कि चार-चार बार लाठीचार्ज करने वाली कांग्रेस समर्थित सरकार के मंत्रियों और नेताओं के मुंह से दोहरी राजनीति, मगरमच्छ के आंसू जैसा शब्द शोभा नहीं देता। राहुल गांधी सहित पूरी कांग्रेस पार्टी दोहरी नीति की पर्याय है।

प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि छात्र आंदोलन को लेकर सत्ता पक्ष दोहरी राजनीति कर रहा है। एक तरफ वार्ता के नाम पर छात्रों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार और कांग्रेसी नेताओं को छात्रों की दयनीय हालत क्यों नहीं दिखती। सरकार चाहती ही नहीं कि छात्रों का आंदोलन खत्म हो, अगर सरकार की मंशा साफ है तो छात्रों की एक ही मांग है सीबीआई जांच है, जिसे यदि सरकार मान ले आंदोलन खत्म हो जायेगा। ऐसे में मामले को कौन लटका रहा है और छात्रों को कौन बरगला रहा है।

प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने झारखंड में छात्रों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई के लिए राहुल गांधी को जो जिम्मेवार ठहराया है, वह बिल्कुल सही है। राहुल गांधी सिर्फ दिखावे के लिए एक ट्वीट कर अपने दायित्व से भाग रहे हैं। अगर वास्तव में कांग्रेस और राहुल गांधी छात्रों के हितकारी हैं तो हेमंत सरकार से दो टूक बात करें। नीट मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगने वाली कांग्रेस झारखंड के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा क्यों नहीं मांगती। कांग्रेस के नेताओं को बताना चाहिए कि यह दोहरा चरित्र नहीं तो और क्या है।

प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि धैर्य की बात करने वाले और सरकार की पीठ थपथपाने वाले कांग्रेस के मंत्री यह बताएं कि 11 अगस्त की रात एक बजे रांची के उपायुक्त, एसएसपी सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी कौन सा संयम बरतने के लिए धरना स्थल पर गए थे। उन्होंने पूछा कि क्या वे लोग छात्रों के साथ सेल्फी खींचवाने गए थे। सरकार और प्रशासन छात्रों पर एक और दमनात्मक कार्रवाई की तैयारी करके छात्रों के पास गई थी, वह तो भाजपा और मीडिया वाले पहुंच गए और प्रशासन को उल्टे पांव लौटना पड़ा। कांग्रेस काे झूठी बयानबाज़ी से बाज आना चाहिए।

शाही ने कहा कि अनुपूरक बजट वाले दिन सदन में भाजपा के विधायक कांग्रेस और झामुमो की वजह से नहीं पहुंच पाए। भाजपा विधायकों को खुद डिटेन करवा कर उल्टा चोर कोतवाल को डांटे की कहावत कांग्रेस चरितार्थ कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा राजनीति रोटी नहीं सेंकती, भाजपा जो भी करती है डंके की चोट पर करती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे