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प्रेमचंद जयंती पर धर्म के दुरुपयोग और साहित्य की भूमिका पर होगी गोष्ठी

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प्रेमचंद जयंती पर धर्म के दुरुपयोग और साहित्य की भूमिका पर होगी गोष्ठी


रांची, 06 जुलाई (हि.स.)। जनवादी लेखक संघ (जलेस), रांची की आभासी सांगठनिक बैठक रांची में सोमवार को अध्यक्ष कुमार बृजेंद्र की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में संगठन की गतिविधियों, नए रचनाकारों की भागीदारी और आगामी साहित्यिक कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 31 जुलाई 2026 को प्रेमचंद जयंती के अवसर पर सफ़दर हाशमी सभागार, विश्वकर्मा लेन, रांची में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

मौके पर अध्यक्ष कुमार बृजेंद्र ने कहा कि वर्तमान समय में धर्म और आस्था का राजनीतिक दुरुपयोग सामाजिक सौहार्द के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे दौर में प्रेमचंद के साहित्य और विचार समाज को मानवीय मूल्यों तथा लोकतांत्रिक चेतना की दिशा दिखाते हैं। जिला सचिव एम. ज़ेड. ख़ान ने कहा कि जलेस की लगातार साहित्यिक गतिविधियों से नए रचनाकार, विशेषकर क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं के लेखक संगठन से जुड़ रहे हैं। उन्होंने 6-7 सितंबर 2026 को अलवर में आयोजित राष्ट्रीय कहानी कार्यशाला में युवा लेखकों से भाग लेने की अपील की।

बैठक में निर्णय लिया गया कि 31 जुलाई को आयोजित कार्यक्रम के प्रथम सत्र में प्रेमचंद का रचना संसार और धार्मिक आस्थाओं का दुरुपयोग विषय पर गोष्ठी होगी, जबकि दूसरे सत्र में कविता गोष्ठी और कहानी पाठ का आयोजन किया जाएगा। बैठक में डॉ. जमशेद क़मर, डॉ. किरण, अपराजिता मिश्रा, वीना श्रीवास्तव, सुधीर पाल, यास्मीन लाल, डॉ. रेहाना मो. अली, डॉ. नीतू कुमार, रामदेव बड़ाइक सहित अनेक साहित्यकार मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar