बोकारो गर्भवती महिला हत्या मामला: भाजपा ने राज्य सरकार और प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
रांची, 31 मई (हि.स.)। बोकारो जिले के बेरमो थाना क्षेत्र में चार माह की गर्भवती महिला अनीता देवी की हत्या के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य सरकार, स्थानीय प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का आरोप है कि मामले को शुरू में दबाने और “रफादफा” करने की कोशिश की गई, जिससे प्रशासनिक निष्क्रियता और राजनीतिक दबाव की स्थिति उजागर होती है।
भाजपा ने इस घटना को केवल एक आपराधिक वारदात नहीं बल्कि कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता और प्रशासनिक तंत्र की कमजोरी का प्रतीक बताया है। पार्टी का कहना है कि ऐसी घटनाएं क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और कथित संगठित गिरोहों की सक्रियता की ओर इशारा करती हैं।
प्रदेश भाजपा के महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने रांची स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में रविवार को कहा कि पुलिस ने भाजपा के आंदोलन और चक्का जाम की चेतावनी के बाद आनन-फानन में छह लोगों को गिरफ्तार किया, लेकिन यह कार्रवाई “पर्याप्त नहीं” है। उनके अनुसार, मामले के वास्तविक मास्टरमाइंड और पीछे की साजिश में शामिल प्रभावशाली लोगों तक अब तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआत में स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय इसे दबाने या मैनेज करने की कोशिश की। भाजपा नेता के अनुसार, जब भाजपा ने आंदोलन और चक्का जाम की घोषणा की, तब जाकर प्रशासन सक्रिय हुआ और गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू हुई।
भाजपा महामंत्री ने यह भी मांग की है कि मामले के “मुख्य सरगना” की तत्काल गिरफ्तारी की जाए, पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, और पोस्टमार्टम प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। इसके साथ ही पार्टी ने दोषी पुलिस अधिकारियों और चिकित्सा कर्मियों पर भी कार्रवाई की मांग की है, जिन पर प्रक्रिया को प्रभावित करने या लापरवाही बरतने के आरोप लगाए गए हैं।
उन्होंने बोकारो के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और स्थानीय थानों की भूमिका की भी स्वतंत्र और उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है। भाजपा का कहना है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता होती, तो इस तरह की स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
अमर बाउरी ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जिसमें कुछ प्रभावशाली और “सफेदपोश” लोग शामिल हैं। यह गिरोह कथित रूप से गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को मोहरा बनाकर अवैध गतिविधियों को अंजाम देता है और राजनीतिक संरक्षण के कारण लंबे समय से सक्रिय बना हुआ है।
भाजपा के अनुसार, फुसरो क्षेत्र में भुईंया समाज की गर्भवती महिला अनीता देवी की पहले उसके पति के सामने बेरहमी से पिटाई की गई और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। आरोप है कि घटना के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने में भी दबाव बनाया गया। इसके अलावा अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर भी परिजनों पर दबाव बनाने के आरोप सामने आए हैं।
घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए, जिससे कई स्थानों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
भाजपा नेताओं के अनुसार, स्थिति बिगड़ने के बाद पार्टी के जिला अध्यक्ष, सांसद और स्थानीय प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने लगातार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी और आंदोलन की रणनीति तय की।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी इस मामले को लेकर राज्य के मुख्य सचिव से बातचीत की, लेकिन भाजपा का आरोप है कि इसके बावजूद प्रशासन की कार्रवाई अपेक्षित रूप से प्रभावी नहीं रही। पार्टी का कहना है कि प्रशासनिक प्रतिक्रिया तब तक सीमित रही जब तक राजनीतिक दबाव नहीं बढ़ा।
अमर बाउरी ने यह भी कहा कि बोकारो जिला प्रशासन, विशेषकर उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी, राज्य सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं और कानून-व्यवस्था से अधिक राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। भाजपा नेता का आरोप है कि इससे क्षेत्र में प्रशासनिक निष्क्रियता की स्थिति बनी हुई है और जनता का भरोसा कमजोर हुआ है।
भाजपा नेताओं ने स्थानीय कांग्रेस विधायक पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि जो जनप्रतिनिधि स्वयं को दलित और गरीबों का हितैषी बताते हैं, वे इस घटना के समय मौके पर नहीं पहुंचे और आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण देने की कोशिश की गई।
पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सभी दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो बोकारो में बड़े पैमाने पर चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा। हालांकि, छह लोगों की गिरफ्तारी के बाद फिलहाल पार्टी ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है।
भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि आगे की जांच और कार्रवाई संतोषजनक नहीं रही, तो आंदोलन को फिर से तेज किया जाएगा।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

