श्रावणी मेला के दौरान स्वास्थ्य शिविर प्रभारियों ने निभाई महती भूमिका
देवघर, 29 अगस्त (हि.स.)। राजकीय श्रावणी मेला 2026 के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित अस्थायी स्वास्थ्य शिविरों में तैनात शिविर प्रभारियों ने श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मेला क्षेत्र में संचालित कुल 35 अस्थायी स्वास्थ्य शिविरों में से 22 शिविरों में प्रभारियों ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरे निष्ठा और समर्पण के साथ किया।
शिविर की संपूर्ण व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी शिविर प्रभारी की होती है। ऐसे में पूरे सावन माह शिविर प्रभारी दिन-रात मुस्तैदी से अपने-अपने शिविरों में डटे रहे और श्रद्धालुओं को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में जुटे रहे।
इस दौरान एमपीडब्ल्यू कर्मियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि एमपीडब्ल्यू स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं। कोविड काल के दौरान भी एमपीडब्ल्यू कर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना पूरी निष्ठा के साथ लोगों की सेवा की थी। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मियों का कहना है कि विभागीय कार्यों और आपात परिस्थितियों में वे हमेशा सहयोग के लिए तत्पर रहे हैं।
एमपीडब्ल्यू कर्मियों ने सरकार से अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग को भी दोहराया। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया कि संविदा पर कार्यरत एमपीडब्ल्यू कर्मियों का आरसीएच कर्मियों की तर्ज पर जल्द से जल्द सीधे समायोजन किया जाए, ताकि उन्हें स्थायित्व मिल सके।
श्रावणी मेला के दौरान शिविर प्रभारी के रूप में कार्य करने वालों में रामाकांत मेहरा, नीरज पांडेय, प्रणय मिश्रा, मुकेश कुमार सिंह, जनार्दन कुमार, प्रकाश मंडल, बीरेन्द्र विक्रम, धीरेन्द्र दास, हेमंत कुमार, अवधेश कुमार, शैलेश चंद्र सिंह, इरशाद अंसारी, रवि शंकर शिवम सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी महती भूमिका निभाई।
इन स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता और समर्पण से श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में स्वास्थ्य विभाग को काफी मदद मिली।
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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy

