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सीएचसी में प्रसूता की मौत पर लोगों ने सडक पर उतर कर किया प्रदर्शन

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सीएचसी में प्रसूता की मौत पर लोगों ने सडक पर उतर कर किया प्रदर्शन


देवघर, 04 जून (हि.स.)। सारवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसूता की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए सैकड़ों लोगों ने अस्पताल परिसर और मुख्य सड़क पर उतरकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और दोषी स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

मृतका के चाचा बहरुद्दीन अंसारी ने बताया कि 03 जून को सारवां के उपर बहियार गांव से उनकी भतीजी को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। उसका प्रसव भी हो गया, लेकिन इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। परिजनों का आरोप है कि स्थिति गंभीर होने के बावजूद समय पर समुचित उपचार नहीं दिया गया और बाद में उसे सदर अस्पताल, देवघर रेफर कर दिया गया। इसके कुछ समय बाद मरीज की मौत की सूचना मिली।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रसव कराने के नाम पर पैसे की मांग की गई थी। घटना से आक्रोशित लोगों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते हुए स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अस्पताल में मरीजों को समय पर उचित इलाज नहीं मिलने के कारण उनकी स्थिति गंभीर हो जाती है। सूचना मिलते ही सारवां पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी। घटना के बाद अस्पताल परिसर में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपित दो एएनएम, रिंकू मंडल और रीमा दास, को तत्काल प्रभाव से प्रसव कक्ष के कार्य से मुक्त कर दिया है। मामले की जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy