रांची विश्वविद्यालय के 56 सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन अस्थायी रूप से रोकी गई, जीवन प्रमाण पत्र न देने से भुगतान बाधित
रांची, 23 मई (हि.स.)। रांची विश्वविद्यालय प्रशासन ने 56 सेवानिवृत्त शिक्षक एवं कर्मचारियों की पेंशन अस्थायी रूप से रोक दी है। विश्वविद्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि संबंधित सेवानिवृत्त कर्मियों द्वारा अब तक जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) जमा नहीं किया गया है, जिसके कारण पेंशन भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है।
इस संबंध में विश्वविद्यालय की जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) डॉ. स्मृयति सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमानुसार प्रत्येक वर्ष सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि पेंशन लाभ सही व्यक्ति को ही मिल रहा है और सभी रिकॉर्ड अद्यतन हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबंधित सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों से अपील की है कि वे बिना किसी देरी के अपने-अपने जीवन प्रमाण पत्र विश्वविद्यालय के संबंधित विभाग में जमा करें, ताकि रुकी हुई पेंशन राशि का भुगतान शीघ्र पुनः शुरू किया जा सके।
इसके साथ ही प्रशासन ने उन जागरूक एवं सक्रिय सेवानिवृत्त कर्मियों से भी विशेष सहयोग की अपील की है, जो इन 56 प्रभावित पेंशनधारकों के संपर्क में हैं। विश्वविद्यालय ने कहा है कि ऐसे लोग अपने सहकर्मियों को आवश्यक दस्तावेज शीघ्र जमा करने के लिए प्रेरित करें और प्रक्रिया पूरी करने में सहयोग प्रदान करें, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
डॉ. सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि जैसे ही संबंधित सेवानिवृत्त कर्मी अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करेंगे, उनकी पेंशन बिना किसी विलंब के तत्काल बहाल कर दी जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इस प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी रखा गया है, ताकि किसी भी पेंशनधारक को अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े।------------
हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

