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झारखंड पुलिस को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर पहचान दिलाने पर किया जा रहा काम : डीजीपी

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झारखंड पुलिस को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर पहचान दिलाने पर किया जा रहा काम : डीजीपी


झारखंड पुलिस को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर पहचान दिलाने पर किया जा रहा काम : डीजीपी


राज्यस्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

रांची, 05 मई (हि.स.)। राजधानी रांची के जैप-10 स्थित अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय में मंगलवार को राज्यस्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें झारखंड के सभी थाना और ओपी प्रभारियों ने भाग लिया।

इस कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा और प्रशिक्षण आईजी विजयलक्ष्मी सहित कई आईपीएस ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

मौके पर तदाशा मिश्रा ने कहा कि राज्य के कई जिलों से यह शिकायतें मिलती रही हैं कि थानों में आम लोगों को अपेक्षित रिस्पांस नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि पुलिस की पहली पहचान उसका व्यवहार और त्वरित कार्रवाई होती है, इसलिए इसमें सुधार बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से राज्यभर के थाना प्रभारियों को सीनियर आईपीएस अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि जमीनी स्तर पर बदलाव दिखे।

डीजीपी ने यह भी कहा कि झारखंड पुलिस को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर पहचान दिलाने के लिए बेस्ट पुलिस स्टेशन की अवधारणा पर काम किया जा रहा है। इसके तहत थानों की कार्यप्रणाली, साफ-सफाई, रिकॉर्ड मेंटेनेंस, तकनीकी उपयोग और जनता के साथ व्यवहार को उच्च स्तर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

इस अवसर पर प्रशिक्षण आईजी विजयलक्ष्मी ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम आगे भी चरणबद्ध तरीके से आयोजित किए जाएंगे, ताकि सभी स्तर के पुलिस पदाधिकारी समय-समय पर अपडेट होते रहें और बदलती चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकें।

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को कानून की गहन समझ, अनुसंधान (इन्वेस्टिगेशन) की आधुनिक तकनीकों, केस डायरी के बेहतर संधारण, साक्ष्य संकलन की वैज्ञानिक प्रक्रिया और आम जनता के साथ व्यवहार में संवेदनशीलता और सेवा भाव पर विशेष मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम में थाना नेतृत्व को मजबूत करने, अपराध नियंत्रण की रणनीति को धार देने और सेफ एंड स्मार्ट पुलिसिंग के मॉडल को अपनाने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को यह बताया गया कि एक बेहतर पुलिस स्टेशन कैसे बनाया जा सकता है, जहां आम लोगों को त्वरित न्याय और संतोषजनक रिस्पांस मिल सके।

इस मौके पर आईजी अनूप बिथेरे, डीआईजी इंद्रजीत महथा, डीआईजी चंदन झा, डीआईजी नौशाद आलम, डीआईजी मनोज रतन चौथे, डीआईजी कार्तिक एस, डीआईजी संध्या रानी मेहता, डीआईजी संजीव कुमार, डीआईजी सुरेंद्र झा सहित कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी उपस्थित रहे और उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए थाना प्रभारियों को व्यावहारिक सुझाव दिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे