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झारखंड में वन हेल्थ मिशन लागू, प्रखंड स्तर तक गठित होंगी समितियां

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झारखंड में वन हेल्थ मिशन लागू, प्रखंड स्तर तक गठित होंगी समितियां


रांची, 27 जुलाई (हि.स.)। झारखंड सरकार ने पशुओं से इंसानों में फैलने वाली बीमारियों, पर्यावरणजन्य संक्रमण और संभावित महामारियों की समय रहते पहचान एवं रोकथाम के लिए नेशनल वन हेल्थ मिशन के तहत राज्य, जिला और प्रखंड स्तर पर वन हेल्थ समितियों के गठन का निर्णय लिया है।

सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने इससे संबंधित सभी सिविल सर्जनों और संबंधित अधिकारियों को मिशन को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ लागू करने का निर्देश दिया है।

उन्होंगने बताया कि मिशन के तहत मानव, पशु और पर्यावरण स्वास्थ्य के बीच समन्वय स्थापित कर एकीकृत रोग निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी।

इसके माध्यम से रेबीज, स्क्रब टाइफस, लेप्टोस्पायरोसिस, एंथ्रेक्स, बर्ड फ्लू, ब्रुसेलोसिस और स्नेक बाइट जैसी बीमारियों की निगरानी, त्वरित पहचान और नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा। किसी भी प्रकोप की स्थिति में मानव, पशु एवं पर्यावरण विशेषज्ञों की संयुक्त रैपिड रिस्पॉन्स टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी।

राज्य स्तर पर विकास आयुक्त की अध्यक्षता में स्टेट वन हेल्थ एग्जीक्यूटिव कमेटी और अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) की अध्यक्षता में इंटरसेक्टोरल स्टीयरिंग कमेटी गठित की गई है।

वहीं जिला स्तर पर उपायुक्त और प्रखंड स्तर पर बीडीओ की अध्यक्षता में समितियां कार्य करेंगी। राज्य सर्विलेंस पदाधिकारी डॉ प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि मानवों में उभरने वाले लगभग 75 प्रतिशत संक्रामक रोग पशुजन्य होते हैं। वहीं आईईसी के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ राहुल किशोर सिंह ने कहा कि झारखंड जैसे जैव विविधता वाले राज्य में इस एकीकृत निगरानी प्रणाली से रोग नियंत्रण व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar