रांची विवि में शैक्षणिक कैलेंडर नहीं हाेने और सत्र में देरी को लेकर आंदोलन करेगा एनएसयूआई
रांची, 07 अप्रैल (हि.स.)। एनएसयूआई झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष बिनय उरांव ने रांची विश्वविद्यालय में शैक्षणिक कैलेंडर के अभाव, सत्र में एक से दो वर्षों की देरी, समय पर परीक्षा एवं परिणाम घोषित न होना, छात्रसंघ चुनावों का आयोजन नहीं होना समस्याओं पर चिंता प्रकट की है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय है और इसे शीघ्र सुधारना बेहद जरूरी है। उरांव मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्या लय में आयोजित प्रेस वार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया) ने इन समस्याशओं को लेकर 08 अप्रैल को राज्यपाल और रांची विश्वविद्यालय प्रशासन को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेगा। इसमें इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस एवं समयबद्ध कार्यवाही की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन मामलों को लेकर प्रशासन को चार दिनों की मोहलत दी जाएगी कि छात्रहित में आवश्यक निर्णय लिए जाएं।
शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन लाने के लिए आगे आएं छात्र संगठन : कैफ
मौके पर रांची विश्वविद्यालय अध्यक्ष कैफ अली ने सभी छात्रों एवं छात्र संगठनों से अपील करते हुए कहा कि हक की लड़ाई में निमंत्रण नहीं भेजे जाते, जिसका ज़मीर ज़िंदा होता है वह स्वयं आगे आता है। उन्होंने इस मुद्दे को राजनीतिक रूप न देने की अपील करते हुए कहा कि छात्रहित सर्वोपरि है और सभी छात्र संगठनों को एकजुट होकर झारखंड में शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन लाने के लिए आगे आना चाहिए।
वहीं उपाध्यक्ष विश्वजीत सिंह और डोरंडा महाविद्यालय अध्यक्ष इल्यास अंसारी ने अपने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि यदि निर्धारित समयावधि में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जाती है, तो एनएसयूआई व्यापक स्तर पर आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी। एनएसयूआई ने अपने समापन वक्तव्य में स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकारों की रक्षा और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए है एवं जब तक छात्रों को उनका अधिकार तथा एक सुदृढ़ शैक्षणिक वातावरण प्राप्त नहीं होता, तब तक यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

