संघमित्रा परियोजना को लेकर ग्रामसभा में हंगामा
चतरा, 26 सितंबर (हि.स.)। सीसीएल की प्रस्तावित संघमित्रा कोल परियोजना के लिए वन भूमि हस्तांतरण को लेकर सराढ़ू मध्य विद्यालय परिसर में ग्रामसभा का आयोजन किया गया। परियोजना के लिए आठ गांवों की करीब 849 एकड़ जीएम-जेजे और जंगल-झाड़ी भूमि से संबंधित प्रक्रिया के तहत आयोजित ग्रामसभा में वनाधिकार अधिनियम और एनओसी से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की गयी। ग्रामसभा की अध्यक्षता मुखिया सीता देवी ने की। वहीं अंचल प्रशासन की ओर से प्रतिनियुक्त पर्यवेक्षक के रूप में सर्वेश सिंह, अभय रंजन, रविषेक कुमार और रामानुज प्रसाद मौजूद थे। बैठक में ग्रामीणों ने सीसीएल अधिकारियों के समक्ष विस्थापन की स्थिति स्पष्ट करने समेत कई मांगें रखी।
ग्रामीणों ने भूमि अधिग्रहण कानून-2013 के तहत चार गुना मुआवजा का ग्रामवार आकलन कर निर्धारित दर सार्वजनिक करने,फर्जी जमाबंदी की ग्रामीणों के सहयोग से जांच कराने, गैरमजरूआ जमीन का भी मुआवजा देने, बिजली, पानी, शिक्षा समेत मूलभूत सुविधाएं बहाल करने की मांग की। इसके अलावा एमडीओ कंपनी में गांव की जनसंख्या के आधार पर रोजगार देने, गैरमजरूआ जमीन के सत्यापन के लिए गांव में शिविर लगाने तथा संघमित्रा परियोजना का पीओ कार्यालय हेचाबलिया-सराढ़ू में बनाने की मांग भी ग्रामीणों ने रखी। ग्रामीणों ने कहा कि सभी मांगों को पूरा करने के बाद ही एनओसी देने पर विचार किया जायेगा।
इसी बीच कुछ लोग एनओसी देने के समर्थन में आगे आ गये। इसे लेकर बैठक में विवाद शुरू हो गया और देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होने लगी। हंगामे के कारण ग्रामसभा में सहमति नहीं बन सकी और बैठक बेनतीजा रही और अंततः रद्द कर दी गयी।
मौके पर विष्णुदेव सिंह, सुबोध कुमार, अशोक राम, सौरभ राणा, विजय सिंह, प्रकाश ठाकुर, राममणि सिंह, मनोज यादव, बैजनाथ यादव, विश्वेश्वर रजक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेन्द्र तिवारी

