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आय के पैटर्न-जीवन शैली पर एनएचआईएस 2026 सर्वेक्षण शुरू

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आय के पैटर्न-जीवन शैली पर एनएचआईएस 2026 सर्वेक्षण शुरू


रांची, 19 मार्च (हि.स.)। भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (क्षेत्र संकार्य प्रभाग) रांची की ओर से क्षेत्रीय कार्यालय रांची में क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर (आरटीसी) का आयोजन किया किया। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) (एफओडी) की ओर से गुरूवार 19 मार्च को शुरू यह कार्यक्रम 20 मार्च 2026 तक राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण (एनएचआईएस) 2026 के लिए चलेगी।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए उप निदेशक आशीष कुमार ने कहा कि यह सर्वे लोगों की जीवन स्थितियों और आय के पैटर्न के बारे में जानकारी देगा।

उन्होंने कहा कि घरेलू आय सर्वेक्षण में एकत्रित जानकारी का मुख्य उपयोग यह जानने के लिए किया जाएगा कि जनसंख्या के विभिन्न वर्गों और विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में आय का वितरण कैसे होता है। एनएचआईएस से प्राप्त आय के अनुमानों से संबंधित आंकड़े अंतर-व्यक्तिगत आय की तुलना करने और आय सृजन के स्रोतों और पैटर्न का विश्लेषण करने में सहायक होंगे।

आशीष कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से एकत्रित किए जाने वाले आंकड़ों का देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है क्योंकि किसी भी प्रकार की योजना, जो सरकार की ओर से संचालित की जाती है उसके लिए सटीक आंकड़ों का रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण अंडमान और निकोबार के दुर्गम इलाकों को छोड़कर पूरे देश में किया जाएगा।

झारखंड में इसका आकार लगभग एनएचआईएस के लिए 632 प्रतिदर्शों का होगा। उन्होंने इसके लिए सभी राज्यवासियों से इस सर्वेक्षण कार्य में क्षेत्र में कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का सहयोग करने की अपील की है।

प्रशिक्षण शिविर में वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी अल्वर्ट केरकेट्टा सहित अन्य सहायक निदेशक एवं वरीय सांख्यिकीय अधिकारी लोग मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar