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नीति निर्माण को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस पहल है नारी शक्ति वंदन अधिनियम : भाजपा

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नीति निर्माण को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस पहल है नारी शक्ति वंदन अधिनियम : भाजपा


लोहरदगा, 13 अप्रैल (हि.स.)। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष किरण माला बाड़ा ने कहा कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 एक युगांतरकारी कदम के रूप में सामने आया है।

उन्हाेंने कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का यह प्रावधान केवल प्रतिनिधित्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नीति निर्माण को अधिक समावेशी, संवेदनशील और प्रभावी बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है। इसका शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन महिलाओं को नीति की लाभार्थी से नीति की निर्माता बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा और यही विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला बनेगा।

सोमवार को नोवेल्टी होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में माला बाडा ने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि शासन की प्राथमिकताओं में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। जब निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है तो शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, जल और स्वच्छता जैसे विषय अधिक प्राथमिकता के साथ सामने आते हैं। स्थानीय निकायों में महिलाओं के आरक्षण का अनुभव पहले ही यह दर्शा चुका है कि महिला प्रतिनिधित्व से नीतियां अधिक जन-केंद्रित और प्रभावी बनती हैं। अब यही प्रभाव संसद और विधानसभाओं के स्तर पर दिखाई देगा, जिससे विकास की दिशा अधिक संतुलित और समावेशी होगी।

इस परिवर्तन की पृष्ठभूमि पिछले एक दशक में तैयार की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण को एक व्यापक और जीवन-चक्र आधारित दृष्टिकोण से देखा गया है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान ने सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव किया है और लड़कियों की माध्यमिक स्तर की नामांकन दर 802 प्रतिशत तक पहुंची है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4.6 करोड़ से अधिक खाते खोले गए हैं जो बेटियों के भविष्य को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करते हैं। उच्च शिक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी में लगातार वृद्धि इस बदलाव की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोपी कृष्ण कुँवर