बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन करें किसान : शिल्पी नेहा तिर्की
रांची, 28 फरवरी (हि.स.)। झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य के किसानों को बाजार की मांग के अनुरूप अपने उत्पाद तैयार करने की आवश्यकता है। सरकार किसानों को इस दिशा में हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री शनिवार को रांची स्थित पलाश सभागार में सिद्धको फेड द्वारा लघु वनोत्पादों के संग्रहण एवं मूल्य संवर्धन विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं।
अपने संबोधन के दौरान मंत्री ने वनोपज को बढ़ावा देने, उचित मूल्य निर्धारण तथा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाने की जानकारी दी। इनमें सिद्धको फेड और आईसीएआर-राष्ट्रीय महत्वपूर्ण कीट संसाधन ब्यूरो (आईसीएआर-एनआईएसए) के बीच ब्रूड बैंक स्थापना को लेकर समझौता, झासको लैंप एवं लखीश्वरी लाह उद्योग के साथ सहयोग समझौता तथा वाइल्ड हार्वेस्ट वेंचर प्राइवेट लिमिटेड के साथ एमओयू शामिल है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वनोपज को बढ़ावा देकर किसानों को उसका उचित मूल्य दिलाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि झारखंड की लगभग 29 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र से आच्छादित है, जिसे संरक्षित रखना सामूहिक जिम्मेदारी है।
कृषि मंत्री उन्होंने कहा कि राज्य की बड़ी आबादी वनोपज पर निर्भर है और सरकार इसे आर्थिक रूप से मजबूत करने की योजना बना रही है। सिद्धको फेड की पहल पर टरबीबा फाउंडेशन द्वारा किसानों से 47 रुपये प्रति किलो की दर से करंज की खरीद की गई है। वहीं मडुआ की खेती का रकबा 20 हजार हेक्टेयर से बढ़कर एक लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है।
कार्यशाला में पीसीसीएफ रांची संजीव कुमार सिंह, आईसीएआर-निसा के निदेशक डॉ. अभिजीत कर, सिद्धको फेड के सीईओ शशि रंजन, गिरिडीह के डीएफओ मनीष तिवारी सहित राज्यभर से आए किसान उपस्थित रहे।
--------------
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

