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राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में मंत्री दीपिका पांडेय ने उठाए झारखंड के मुद्दे

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राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में मंत्री दीपिका पांडेय ने उठाए झारखंड के मुद्दे


रांची, 29 जून (हि.स.)।

दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में आयोजित सम्मेलन में उन्होंने मनरेगा, आवास योजना, न्यूनतम मजदूरी तथा ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देने से संबंधित सुझाव दिए।

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि महात्मा गांधी के नाम से नई जनहित योजना शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नाम को योजनाओं से हटाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मनरेगा के तहत 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाकर दो लाख रुपये करने तथा मजबूत फैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर वाले आवास निर्माण का सुझाव दिया। साथ ही अबुआ आवास योजना में 90 दिनों की मजदूरी भुगतान की मांग भी रखी। साथ ही मंत्री ने कहा कि झारखंड का मनरेगा मद में करीब 900 करोड़ रुपये बकाया है, जिसका शीघ्र भुगतान किया जाना चाहिए। उन्होंने न्यूनतम मजदूरी दर बढ़ाकर 433 रुपये प्रतिदिन करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य की 32 लाख से अधिक महिलाएं आजीविका गतिविधियों से जुड़ी हैं और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। सम्मेलन में उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ग्रामीण उद्योगों की स्थापना पर जोर दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar