एमएमडीआर कानून पर भाजपा के आरोपों का विनोद पांडेय ने किया पलटवार
रांची, 26 सितंबर (हि.स.)। खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (एमएमडीआर) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आरोपों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने पलटवार किया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी से झारखंड के खनिज और राज्यहित से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट करने की मांग की।
शनिवार को जारी बयान में विनोद पांडेय ने आरोप लगाया कि एमएमडीआर कानून के जरिए झारखंड जैसे खनिज संपदा वाले राज्यों के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड केवल खनिजों का भंडार नहीं, बल्कि जमीन, जंगल, पानी और लोगों के अधिकारों वाला राज्य है। खनन से होने वाले लाभ में राज्य और झारखंडियों की हिस्सेदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।
झामुमो नेता ने केंद्र से खनन प्रभावित लोगों के अधिकार, प्रदूषण और राज्य के राजस्व हित पर जवाब मांगा। उन्होंने भाजपा नेताओं से एमएमडीआर कानून का गुणगान करने के बजाय झारखंड के 1.36 लाख करोड़ रुपये के कथित बकाये पर केंद्र से जवाब मांगने को कहा। उन्होंने भाजपा सांसदों से राज्य के हित में केंद्र के समक्ष मजबूती से पक्ष रखने और बकाया राशि दिलाने की पहल करने की अपील की।
विनोद पांडेय ने कहा कि झारखंड दशकों से खनन का दंश झेल रहा है। खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्रदूषण, विस्थापन और बुनियादी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं। उन्होंने सवाल किया कि प्रभावित लोगों को उचित क्षतिपूर्ति क्यों नहीं मिलेगी और खनिज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तथा पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई कौन करेगा।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

