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रिम्स में अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक सर्जरी दिवस पर स्मृति क्विज और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित

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रिम्स में अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक सर्जरी दिवस पर स्मृति क्विज और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित


रांची, 13 जुलाई (हि.स.)। रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के प्लास्टिक सर्जरी विभाग की ओर से सोमवार को अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक सर्जरी दिवस पर अकादमिक भवन में स्मृति क्विज प्रतियोगिता एवं शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर के वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जनों, विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों तथा रेजिडेंट चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत डॉ. सौरभ शर्मा स्मृति द्वितीय वार्षिक प्लास्टिक सर्जरी क्विज प्रतियोगिता से हुई।

यह प्रतियोगिता विभाग के पूर्व संकाय सदस्य दिवंगत डॉ. सौरभ शर्मा की स्मृति में आयोजित की गई, जिनका फरवरी 2023 में एक सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन हो गया था।

इस अवसर पर उनकी पत्नी एवं पुत्र विशेष रूप से अयोध्या (उत्तर प्रदेश) से कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रतियोगिता में रिम्स के विभिन्न विभागों के रेजिडेंट चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

शैक्षणिक सत्र के अंतर्गत प्लास्टिक सर्जरी एवं सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के जूनियर चिकित्सकों ने वैज्ञानिक प्रस्तुतियां दीं। वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन डॉ. प्रिंस गुप्ता ने प्लास्टिक सर्जरी का वर्तमान परिदृश्य एवं भविष्य की संभावनाएं विषय पर व्याख्यान देते हुए इस सुपर स्पेशियलिटी की बढ़ती उपयोगिता, नवीन तकनीकों एवं करियर की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रिम्स के निदेशक प्रो. (डॉ.) डी. के. सिन्हा थे। इस अवसर पर डीन प्रो. (डॉ.) राजीव मिश्रा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एच. बिरुआ सहित संस्थान के अनेक वरिष्ठ संकाय सदस्य उपस्थित रहे। रांची के वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जनों में डॉ. अजय कुमार सिंह, डॉ. अनंत सिन्हा, डॉ. राज पाठक, डॉ. अरविंद, डॉ. विजय शंकर दास, डॉ. तनमय, डॉ. विवेक गोस्वामी, डॉ. विक्रांत रंजन एवं डॉ. नेहा मूकिम ने भी कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए अपने अनुभव एवं विचार साझा किए।

कार्यक्रम का समापन प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) ए. के. कमल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विभाग की यूनिट प्रभारी एवं आयोजन सचिव डॉ. प्रियंका केरकेट्टा तथा पूरी आयोजन समिति की सराहना की।

अपने संबोधन में डॉ. प्रियंका केरकेट्टा ने कहा कि प्लास्टिक सर्जरी केवल सौंदर्य उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि जन्मजात विकृतियों, जलने से हुई चोटों, दुर्घटनाओं, कैंसर के बाद पुनर्निर्माण तथा जटिल पुनर्संरचनात्मक शल्य चिकित्सा में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम चिकित्सा समुदाय एवं आम जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ युवा चिकित्सकों को इस विशेषज्ञता में उत्कृष्ट करियर बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे