मेडिकल कॉलेजों के डिजाइन में होगा बदलाव, समिति गठित
रांची, 05 मई (हि.स.)। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के डिजाइन में सुधार कर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सक्रिय हो गई है। इसी क्रम में मंगलवार को नेपाल हाउस में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अपर मुख्य सचिव ने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे अपने विशेषज्ञ परामर्शदाताओं के साथ मिलकर विस्तृत डिजाइन और योजनाओं का प्रस्तुतीकरण समिति के समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि तकनीकी दृष्टि से बेहतर और प्रभावी निर्णय लिया जा सके।
उन्होंने भवन निर्माण विभाग सहित सभी संबंधित एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि जहां आवश्यकता होगी, वहां मौजूदा डिजाइन में संशोधन या पुनर्रचना के लिए समिति ठोस अनुशंसा करेगी।
बैठक में मुख्य रूप से अस्पतालों में रोगी प्रवाह (पेशेंट फ्लो) और कार्यप्रवाह (वर्कफ्लो) को वैज्ञानिक ढंग से व्यवस्थित करने पर चर्चा हुई। आईसीयू, सीसीयू, एचडीयू, ऑपरेशन थियेटर, आईपीडी, कैथ लैब, डायग्नोस्टिक और रेडियोलॉजी केंद्रों के उचित स्थान निर्धारण को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी।
बैठक में बताया गया कि रिम्स सहित अन्य प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों के विशेषज्ञों को शामिल करते हुए एक समिति का गठन किया गया है। इस समिति का उद्देश्य निर्माणाधीन एवं निर्मित मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की समग्र योजना की समीक्षा करना तथा जरूरत के अनुसार भवन डिजाइन में सुधार कर मरीजों को अधिक सुगम, सुरक्षित और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराना है।
समिति में रिम्स के कई वरिष्ठ चिकित्सक एवं विशेषज्ञ शामिल हैं, जिनमें डॉ. हेमंत नारायण, डॉ. प्रदीप कुमार भट्टाचार्य, डॉ. अजीत कुमार डुंगडुंग और डॉ. अनिल कुमार कमाल प्रमुख हैं।
बैठक में विभाग के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।------------
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

