झारखंड शराब घोटाला सत्ता संरक्षण में हुआ संगठित आर्थिक अपराध : बाबूलाल मरांडी
रांची, 02 जून (हि.स.)। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शराब घोटाले को लेकर राज्य सरकार की भूमिका और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला केवल भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्ता संरक्षण में संचालित एक संगठित आर्थिक अपराध का उदाहरण है।
मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने बयान में मरांडी ने कहा कि छत्तीसगढ़ और झारखंड के अंतरराज्यीय शराब कारोबारियों तथा सत्ता से जुड़े प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से जनता के धन का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को दबाने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन केंद्रीय एजेंसियों की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और घोटाले से जुड़े तथ्यों का खुलासा हो रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि शराब सिंडिकेट से जुड़े कारोबारी अनवर ढेबर की एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जब्त की जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अनवर ढेबर ने आईएएस अधिकारी विनय चौबे के माध्यम से सत्ता के शीर्ष स्तर तक पहुंच बनाकर झारखंड में शराब कारोबार से जुड़ी व्यवस्था को प्रभावित किया।
मरांडी ने कहा कि उन्होंने पहले भी राज्य सरकार को शराब नीति में किए गए बदलावों को लेकर आगाह किया था। उनके अनुसार, इन नीतिगत परिवर्तनों से शराब कारोबारियों को लाभ पहुंचा और राज्य को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे राज्य के राजस्व और जनहित दोनों को क्षति पहुंची है।
भाजपा नेता ने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के विकास, युवाओं के रोजगार और जनकल्याण से जुड़े संसाधनों के दुरुपयोग का भी विषय है। मरांडी के अनुसार, जिन संसाधनों का उपयोग विकास कार्यों में होना चाहिए था, वे निजी हितों को लाभ पहुंचाने में इस्तेमाल किए गए।
उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है और कानून के दायरे में आने वाले सभी व्यक्तियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जांच एजेंसियां पूरे मामले की सच्चाई सामने लाएंगी और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी।
मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जनता के धन के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होना आवश्यक है। राज्य की जनता पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है और पारदर्शिता तथा जवाबदेही की अपेक्षा करती है।------------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

