home page

'नशा मुक्त झारखंड' को बनाया जाएगा जनआंदोलन : इरफान अंसारी

 | 
'नशा मुक्त झारखंड' को बनाया जाएगा जनआंदोलन : इरफान अंसारी


रांची, 25 जून (हि.स.)। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार 'नशा मुक्त झारखंड' के लक्ष्य को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है। युवाओं के भविष्य को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नशीले पदार्थों पर नियंत्रण करना नहीं, बल्कि युवाओं को सुरक्षित, स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य उपलब्ध कराना है।

डॉ. अंसारी गुरुवार को राज्य सरकार की ओर से शौर्य भवन, रांची में आयोजित मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध राज्यव्यापी जागरूकता अभियान के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और पारिवारिक चुनौती भी है, जिससे सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने रांची में फ्लाईओवरों के नीचे बच्चों और किशोरों द्वारा नशीले पदार्थों के सेवन की मिल रही शिकायतों पर चिंता व्यक्त करते हुए रांची पुलिस को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में केवल कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों और उनके परिवारों के पुनर्वास एवं परामर्श पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने अभिभावकों की काउंसलिंग को भी बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि परिवार की जागरूकता से नशे की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। जागरूकता, उपचार, पुनर्वास और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से ही झारखंड को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य सरकार नशा मुक्ति अभियान को एक व्यापक सामाजिक आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। नशे की लत से जूझ रहे लोगों के उपचार के लिए सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री (सीआईपी) और रिनपास में विशेष नशा मुक्ति सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा जिला अस्पतालों में भी काउंसलिंग सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि प्रभावित व्यक्तियों को समय पर सहायता मिल सके।

गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने कहा कि राज्य सरकार ने नशा तस्करी के खिलाफ जनसहभागिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इसके तहत नशा तस्करों की सूचना देने वाले लोगों को न्यूनतम तीन हजार रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे नशीले पदार्थों की तस्करी या अवैध गतिविधियों की जानकारी टोल फ्री नंबर 112 पर दें, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

समारोह के दौरान नशा मुक्ति अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विभिन्न संस्थानों, अधिकारियों और कर्मियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल कुमार पुरवार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

-----------

हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar