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महिला आरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री को 10 लाख पोस्टकार्ड भेजेगी महिला कांग्रेस

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महिला आरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री को 10 लाख पोस्टकार्ड भेजेगी महिला कांग्रेस


रांची, 30 अप्रैल (हि.स.)। भाजपा सड़कों पर राजनीतिक ड्रामेबाजी कर रही है। महिला आरक्षण विधेयक के पूरे प्रकरण के लिए महिला कांग्रेस, भाजपा को बेस्ट ड्रामा ऑफ द ईयर का अवार्ड देती है।

यह बातें कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने गुरुवार को कही। मंत्री प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रही थीं।

उन्होंने कहा कि जब महिला आरक्षण विधेयक 2023 में पारित हो चुका है तब विशेष सत्र में कौन सा बिल लाया गया था। मंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के नाम पर परिसीमन का बिल पारित करने की मंशा भाजपा की थी। 03 साल पहले पारित कानून का गजट नोटिफाई नहीं किया गया। वर्ष 2023 में पारित विधेयक में केंद्र ने नई जनगणना और परिसीमन के बाद विधेयक लागू करने की बात कही थी। अब 2011 की जनगणना की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा जातिगत जनगणना कराकर महिलाओं को उनका अधिकार नहीं देना चाहती है। यदि मंशा साफ है तो अविलंब 2023 में पारित विधेयक के आधार पर महिलाओं को उनका हक दे।

पोस्टकार्ड जारी कर ओबीसी महिलाओं के लिए मांंगा आरक्षण

इसके पूर्व महिला कांग्रेस ने पोस्टकार्ड जारी कर 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने और ओबीसी महिलाओं के लिए भी आरक्षण का प्रावधान करने की मांग की।

मौके पर पार्टी की प्रदेश महिला अध्यक्ष रमा खलखो ने कहा कि महिला आरक्षण के संदर्भ में भाजपा की ओर से फैलाये जा रहे भ्रम के खिलाफ महिला कांग्रेस देशभर में अभियान चलाएगी। महिला आरक्षण विधेयक पर भाजपा की ओर से बोले जाने वाले झूठ के खिलाफ 10 लाख पोस्टकार्ड प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रमंडलवार महिला नेत्री संवाददाता सम्मेलन करके इस भ्रम के संबंध में जनता को बतायेंगी।

इस क्रम में उत्तरी छोटा नागपुर प्रमंडल में महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव गुंजन सिंह, कोल्हान प्रमंडल दयामणि बारला, पलामू प्रमंडल में राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद, संथाल परगना में अनुपमा सिंह विभिन्न तिथियों में संवाददाता सम्मेलन करेंगी और इसे लेकर 06 मई को लोक भवन के समक्ष प्रदेश महिला कांग्रेस धरना प्रदर्शन करेगी।

कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद ने कहा कि संविधान में प्रावधान है कि जो संशोधन होता है वह कानून बनता है और संविधान बताता है कि 2023 में पारित आरक्षण विधेयक कानून बन गया है। भाजपा बताए कि क्या 2023 का कानून रद्द हुआ है। संविधान की धारा 330 ए में सब साफ हो जाता है कि भाजपा कैसे भ्रम फैला रही है।

भाजपा राजनीतिक ड्रामा कर रही है परिसीमन लागू करने के लिए विशेष सत्र में संशोधन बिल लाना बहाना था, विशेष सत्र सिर्फ पांच राज्यों का चुनाव प्रभावित करने के लिए था।

महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव गुंजन सिंह ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों का हनन करने और भाजपा के राज्य में महिलाओं पर बढ़े अत्याचार ने भाजपा के चाल चरित्र और चेहरे को उजागर कर दिया है अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा और एजेंडे को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं का सहारा ले रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak