जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल और रद्द परीक्षाओं में गड़बड़ी की सीबीआई से जांच कराएं मुख्यमंत्री : बाबूलाल
रांची, 19 अगस्त (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बुधवार को पत्र लिखकर जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल एवं रद्द की गई परीक्षाओं में अनियमिताओं की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर आज जो अविश्वास, आक्रोश और अराजकता की स्थिति उत्पन्न हुई है, उसके लिए काफी हद तक जेएसएससी सीजीएल प्रकरण में सीआईडी द्वारा की गई दोषपूर्ण एवं संदिग्ध जांच जिम्मेदार है। आखिर सरकार किसे संरक्षण देना चाहती है, जो सीबीआई जांच से भाग रही है। इसलिए युवाओं के भविष्य और राज्यहित को प्राथमिकता देते हुए सभी मामलों की सीबीआई से जांच आवश्यक है।
नेता प्रतिपक्ष ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराते हुए 8 मांग मुख्यमंत्री से किया है। इनमें जेएसएससी सीजीएल परीक्षा घोटाले की जांच अविलंब सीबीआई से कराने, जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा से संबंधित सभी अनियमितताओं की जाँच भी सीबीआई से कराने, सरकार की ओर से रद्द की गई सभी 22 परीक्षाओं एवं संदेह के घेरे में सभी 17 परीक्षाओं, परिणामओं और नियुक्तियों की जांच सीआईडी के स्थान पर सीबीआई अथवा किसी अन्य स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से कराने, साक्षात्कार बोर्ड में शामिल रहे सभी सदस्यों एवं अधिकारियों के बयान दर्ज कर उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने, साक्षात्कार बोर्ड के गठन, अभ्यर्थियों के आवंटन तथा कथित कोडिंग-डिकोडिंग से संबंधित समस्त अभिलेख, डिजिटल डेटा और अन्य साक्ष्य तत्काल सुरक्षित करने, सीजीएल जांच के दौरान अभ्यर्थियों से कथित अवैध वसूली और दोषियों को बचाने में शामिल सीआईडी पदाधिकारियों की भूमिका की स्वतंत्र जांच कराने, जिन अधिकारियों की भूमिका स्वयं संदेह के दायरे में है, उन्हें इन प्रकरणों की जांच से हटाने और सीजीएल प्रकरण में दोषपूर्ण जाँच करने, साक्ष्य दबाने तथा वास्तविक दोषियों को संरक्षण देने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग शामिल है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

