श्रमायुक्त से वार्ता के बाद नगर निकाय मजदूरों का प्रदर्शन स्थगित
रांची, 25 सितंबर (हि.स.)।
झारखंड नगर निकाय मजदूर यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को श्रमायुक्त से मुलाकात कर नगर निकाय मजदूरों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से वार्ता की।
एक्साइज बिल्डिंग स्थित श्रमायुक्त के चेंबर में हुई इस वार्ता में उप श्रमायुक्त अविनाश कृष्ण और सहायक श्रमायुक्त वाल्टर कुजूर शामिल रहे। वार्ता के बाद श्रम कार्यालय के बाहर आयोजित सभा में महामंत्री प्रकाश टोप्पो ने श्रमायुक्त से हुई वार्ता की जानकारी देते हुए बताया कि श्रम कार्यालय की ओर से जिस तरह आश्वासन मिला इसके बाद मजदूरों का श्रम कार्यालय घेराव-प्रदर्शन को स्थगित कर दिया गया है। लेकिन मजदूरों के बोनस और स्थायीकरण की मांग तेज होगी।
सभा में 13 हजार रुपये की जगह 18 हजार रुपये से कम नहीं और दुर्गापूजा से पहले बोनस और एटूजेड का बकाया भुगतान सहित सात सूत्री मांगों को लेकर नारेबाजी की गई।
मौके पर अध्यक्ष भवन सिंह ने कहा कि दुर्गापूजा से पहले बोनस पर निर्णय नहीं हुआ तो पूजा के बीच हड़ताल की जाएगी। उन्होंने कहा बोनस नहीं मिलेगा तो हड़ताल होगा।
उन्होंने बताया कि श्रमायुक्त ने मजदूरों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय वार्ता कराने और छुट्टी संबंधी कानूनों को लागू कराने का आश्वासन दिया है। वार्षिक अवकाश, राष्ट्रीय उत्सव एवं त्योहार अवकाश, आकस्मिक अवकाश और मातृत्व अवकाश लागू कराने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की बात कही गई है। गैरकानूनी तरीके से हटाए गए मजदूरों, बोनस भुगतान और पूर्व समझौते के अनुपालन के मामले में नगर निगम प्रशासक को कार्रवाई का निर्देश देने की बात भी कही गई है।
सभा में माकपा के पार्टी सचिव प्रकाश विप्लव ने स्थायीकरण के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया।
यूनियन ने बताया कि स्वच्छता कॉरपोरेशन के मजदूरों के बोनस भुगतान की तिथि अगले सप्ताह घोषित होने की संभावना है। चालक-खलासी के वेतन में करीब एक हजार रुपये से अधिक वृद्धि और अक्टूबर से परिवर्तनशील महंगाई भत्ता मिलने की बात भी कही गई।
मौके पर नगर निगम के मजदूर-कर्मी मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

