माता वैष्णो देवी मंदिर में हुआ करवा चौथ व्रत, 251 सुहागिनों ने की अखंड सुहाग की कामना
रामगढ़, 29 अक्टूबर (हि.स.)। शहर के झंडा चौक स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर परिसर में गुरुवार की संध्या समय व्रत रखने वाली रामगढ़ सहित आस पास क्षेत्रों की 251 सुहागिन महिलाओं ने पूजा अर्चना की और करवा चौथ की कथा सुनी। पंजाबी हिन्दू बिरादरी ने व्रतधारी महिलाओं के लिए मंदिर परिसर में मां करवा की कथा सुनाने का विशेष प्रबंध किया था। कथा में पंजाबी समुदाय के अलावे अन्य समाज की सुहागिन महिलाओं ने भी हिस्सा लिया और मां करवा की पूजा अर्चना कर कथा सुनी। करवा चौथ की कथा माता वैष्णों देवी मंदिर के पुजारी पंडित लीलाधर शर्मा ने परंपरागत ढंग से सुहागिन महिलाओं को सुनाई। हाथों में पूजा की थाली लिए पहुंची सुहागिन महिलाओं की उपस्थिति से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया।
पंजाबी हिन्दू बिरादरी के पदाधिकारी ने सभी व्रती महिलाओं और कथा सुनने आई अन्य महिलाओं को माता वैष्णो देवी के आशीर्वाद के रूप में एक-एक चुनरी भेंट की। पंजाबी हिन्दू बिरादरी के महासचिव और पत्रकार महेश मारवाह ने बताया कि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन मनाए जाने वाला यह त्योहार करवा चौथ सौभाग्यवती महिलाओं का अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत है। इस व्रत में महिलाएं प्रातःकाल सूर्योदय से पहले स्नान आदि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प लेकर दिन भर निर्जला उपवास करती हैं। संध्या समय मां करवा की कथा सुनती हैं और चंद्रोदय के बाद अर्घ्य देती हैं। अर्घ्य देने के बाद अपने पति के हाथों जल ग्रहण कर अपना व्रत पारण करती हैं। कुंवारी कन्याएं भी मनपसंद वर एवं घर की कामना लिए यह व्रत रखती हैं और मां गौरी की पूजा अर्चना करती हैं। स्त्रियां इस व्रत की तैयारी काफी दिनों पूर्व से ही शुरु कर देती हैं, क्योंकि इस व्रत के दिन सुहागिन महिलाएं दुल्हन की तरह सजती-संवरती हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में पंजाबी हिन्दू बिरादरी के अध्यक्ष सुरत चन्द्र वासुदेव और महासचिव महेश मारवाह का सराहनीय योगदान रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

