कथकली-केरल संस्कृति की थीम पर सजेगा डोरंडा का न्यू काली पूजा पंडाल
रांची, 05 नवंबर (हि.स.)। डोरंडा के काली मंदिर रोड स्थित न्यू काली पूजा समिति इस वर्ष मां काली पूजा का 45 वां वार्षिक महोत्सव भव्य तरीके से मनाया गया।
समिति की ओर से गुरूवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि 15 लाख रुपये की लागत से इसबार यहां पूजा पंडाल को दक्षिण भारत की प्रसिद्ध कथकली कला और केरल की समृद्ध संस्कृति की थीम पर तैयार किया जा रहा है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में समिति के अध्यक्ष शंभू गुप्ता ने बताया कि पिछले 45 वर्षों से मां काली की पूजा निरंतर श्रद्धा और भक्ति के साथ की जा रही है। इस वर्ष आठ से 13 नवंबर तक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। पूजा पंडाल में 12 फीट ऊंची स्वर्णमयी मां काली की प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र होगी। आयोजन पर लगभग 15 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। आगामी आठ नवंबर 2026 को रांची के संतों द्वारा पूजा पंडाल का उद्घाटन किया जाएगा। रात 10 बजे से मध्यरात्रि तक विशेष पूजा-अर्चना होगी।
नौ नवंबर 2026 को भोग-प्रसाद वितरण के साथ इस्कॉन के भक्तों की ओर से राधा नाम संकीर्तन एवं भजन प्रस्तुत किए जाएंगे। 10 और 11 नवंबर 2026 को पूजा, दर्शन और भजन-कीर्तन होंगे।
12 नवंबर 2026 को महाभंडारा और भव्य महाआरती आयोजित की जाएगी। वहीं, 13 नवंबर 2026 को दोपहर तीन बजे गाजे-बाजे के साथ विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो बटन तालाब, डोरंडा पहुंचेगी। पूजा परिसर में बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए मेला, खेल एवं खानपान के स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
आयोजन में महामंत्री अजय घोष तथा संरक्षक टापू घोष और नवरत्न कुमार बाली सहित समिति के अन्यं सदस्यों की अहम भूमिका है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

