रोजगार और खनिज संपदा को लेकर संघर्ष जारी रखेगा झामुमो : विनोद
रांची, 01 सितंबर (हि.स.)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि एमएमडीआर संशोधन को लेकर झामुमो की चिंता राजनीति नहीं, बल्कि झारखंड के जल-जंगल-जमीन और खनिज संपदा पर राज्य के अधिकारों की लड़ाई है।
उन्होंने मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि एमएमडीआर संशोधन से यदि राज्यों के खनिज अधिकार और राजस्व प्रभावित होते हैं तो झामुमो चुप नहीं बैठेगा। झारखंड अपने संसाधनों के बदले उचित आर्थिक अधिकार की मांग कर रहा है और यह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। भाजपा को आंदोलन से परेशानी है तो यह संकेत है कि चोट सही जगह लगी है।
विनोद पांडेय ने जारी विज्ञप्ति में कहा कि छात्रों के रोजगार और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के सवाल महत्वपूर्ण हैं और सरकार इस दिशा में कार्रवाई कर रही है। लेकिन छात्रों के मुद्दों को एमएमडीआर से जोड़कर भाजपा मूल सवाल से नहीं बच सकती।
उन्होंने कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों और आर्थिक अधिकारों से जुड़े सवाल भी मजबूती से उठाए जाएंगे। भाजपा के भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों पर उन्होंने कहा कि यदि ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक कर जांच एजेंसियों के समक्ष रखा जाए। उन्होंने भाजपा से पूछा कि केंद्र के एमएमडीआर संशोधन पर उसकी झारखंड इकाई का स्पष्ट रुख क्या है और क्या वह राज्य के खनिज राजस्व व अधिकारों की रक्षा के पक्ष में है।
विनोद पांडेय ने कहा कि रोजगार, नियुक्ति और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था युवाओं का अधिकार है, जबकि खनिज संपदा पर राज्य का अधिकार झारखंड का आर्थिक सवाल है। दोनों मुद्दों पर झामुमो लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

