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एमएमडीआर विधेयक से मंईयां सम्मान योजना पर पड़ेगा असर : विनोद

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एमएमडीआर विधेयक से मंईयां सम्मान योजना पर पड़ेगा असर : विनोद


रांची, 13 अगस्त (हि.स.)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने संसद में पारित एमएमडीआर संशोधन विधेयक 2026 को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि विधेयक से राज्य के खनिज राजस्व में संभावित कमी का सीधा असर कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि मंईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना और शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।

गुरुवार को झामुमो के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विनोद पांडेय ने आरोप लगाया कि खनिज उत्पादक राज्यों झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक से पर्याप्त परामर्श किए बिना विधेयक को राज्यसभा में कुछ ही मिनटों में पारित करा दिया गया।

उन्होंने दावा किया कि संशोधन से झारखंड को करीब 15 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हो सकता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि नए प्रावधानों से राज्यों के खनिज संबंधी अधिकार कमजोर किए गए हैं। झामुमो ने सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय संविधान पीठ के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि राज्यों को खनिजों पर सेस लगाने का अधिकार मिला था, लेकिन संशोधन से इस अधिकार पर भी असर पड़ रहा है।

विनोद पांडेय ने कहा कि केंद्र के पास झारखंड की करीब 1.36 लाख करोड़ रुपये की बकाया राशि है और नए प्रावधानों से इसकी वसूली का रास्ता प्रभावित होगा।

उन्होंने चेतावनी दी कि अधिकार वापस नहीं किए गए तो 1980 के दशक की तर्ज पर आंदोलन किया जाएगा।

झामुमो चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। पहले जनजागरण अभियान, फिर धरना-प्रदर्शन और बंद किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर आर्थिक नाकेबंदी और कानूनी विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar