झारखंड में निवेशकों की समस्याएं दूर करने के लिए जियाडा रेगुलेशन-2016 में हो रहा संशोधन : एमडी
रांची, 08 जून (हि.स.)। फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के आमंत्रण पर जियाडा के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन सोमवार को चेंबर भवन पहुंचे और उद्योगों की समस्याओं पर बातचीत की।
बैठक में राज्य के औद्योगिक विकास, निवेश प्रोत्साहन, औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं के समाधान और जियाडा की ओर से किए जा रहे सुधारात्मक प्रयासों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में जियाडा एमडी ने बताया कि जियाडा रेगुलेशन-2016 में आवश्यक संशोधन किए जा रहे हैं, ताकि उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार हो सके। साथ ही वास्तविक निवेशकों को आने वाली कठिनाइयों को दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि बदलते औद्योगिक परिदृश्य और तकनीकी विकास को ध्यान में रखते हुए नए रेगुलेशन तैयार किए जा रहे हैं, जिनका प्रारूप औद्योगिक संगठनों के साथ साझा कर उनके सुझाव भी लिए जाएंगे।
उन्होंने भूमि आवंटन और पजेशन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं निवेशक-अनुकूल बनाने, डीओपी की परिभाषा को सरल करने, परियोजना परिवर्तन की सुविधा प्रदान करने तथा औद्योगिक क्षेत्र में बिल्डिंग प्लान अनुमोदन से संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
उद्योगों की समस्याओं के लिए होंगी नियमित सेक्टोरल राउंड टेबल बैठकें
उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि औद्योगिक क्षेत्रों में उपलब्ध भूमि के बेहतर उपयोग, बुनियादी सुविधाओं के विकास और निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जियाडा लगातार प्रयासरत है। बैठक में सेक्टरवार उद्योगों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए नियमित सेक्टोरल राउंड टेबल मीटिंग आयोजित करने, निवेश प्रोत्साहन को और प्रभावी बनाने एवं उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप नीतिगत सुधार करने पर भी सहमति बनी। चेंबर ने इन प्रयासों में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
चैंबर के सह सचिव रोहित पोद्दार ने राज्य में कोल्ड स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स की आवश्यकता, पलामू में जियाडा के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना और न्यूनतम वेतन दरों से संबंधित मुद्दों से उत्पन्न चुनौतियों को भी प्रमुखता से उठाया। जियाडा के प्रबंध निदेशक ने इन विषयों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया।
उन्होंने जानकारी दी कि प्रत्येक माह के चौथे गुरुवार को जियाडा के क्षेत्रीय निदेशक व उप निदेशक स्थानीय जिला चेंबर और औद्योगिक इकाइयों के साथ नियमित बैठक करेंगे, ताकि समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में राज्य में उपलब्ध औद्योगिक भूमि, नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, लैंड एक्विजिशन सेल के गठन, वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में डीजीएफटी कार्यालय की स्थापना और इंडस्ट्रियल इंफ्रा को सुदृढ़ बनाने जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में चेंबर के महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव रोहित पोद्दार, पूर्व अध्यक्ष रंजीत टिबड़ेवाल एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

