आयुर्वेद में देश का हब बनेगा झारखंड : इरफान
रांची, 20 सितंबर (हि.स.)। झारखंड प्रदेश आयुर्वेद सम्मेलन के प्रथम स्थापना दिवस और आयुर्वेद दिवस के अवसर पर डोरंडा स्थित वन विभाग सभागार में रविवार को कार्यक्रम आयोजित हुआ।
इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड में औषधीय पौधों, जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों की अपार संभावनाएं हैं, जिनका आयुष चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार झारखंड को आयुर्वेद हब बनाएंगी।
मंत्री ने बताया कि राज्य में करीब 900 करोड़ रुपये की लागत से आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है और इसके लिए जमीन चिन्हित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य झारखंड को आयुर्वेद और आयुष चिकित्सा के क्षेत्र में देश का प्रमुख केंद्र बनाना है।
इरफान अंसारी ने कहा कि केरल ने आयुर्वेद के क्षेत्र में पहचान बनाई है, लेकिन झारखंड में इससे बेहतर संभावनाएं हैं। इसके लिए आधुनिक शोध, प्रशिक्षित मानव संसाधन और मजबूत संस्थागत व्यवस्था विकसित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी और अन्य आयुष पद्धतियों का उद्देश्य बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है। आयुर्वेद को वैज्ञानिक शोध और आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने के साथ गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों तक आयुष सेवाएं पहुंचाने पर भी जोर दिया जाएगा।
कार्यक्रम में आयुर्वेद एवं आयुष क्षेत्र के विशेषज्ञ, चिकित्सक और कई प्रतिनिधि मौजूद मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

