झारखंड में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण और स्पष्ट रोड मैप होना जरूरी : सुदेश
रांची, 21 जनवरी (हि.स.)। राज्य की युवा शक्ति को संगठित करने और आगामी चुनौतियों की रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से युवा आजसू का राज्यस्तरीय प्रतिनिधि सम्मेलन मार्च माह में आयोजित किया जाएगा। यह निर्णय बुधवार को पार्टी के प्रधान कार्यालय में आयोजित युवा आजसू की प्रदेश संयोजक मंडल की बैठक में लिया गया।
इस अवसर पर पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने राज्य भर से आए युवा प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की। नगर निकाय चुनाव पर सवाल मीडिया से बातचीत में सुदेश ने राज्यत सरकार की भूमिका पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनाव में प्रत्यााशियों की घोषणा सरकार कर रही है। मुख्यमंत्री स्वयं चुनाव प्रचार का हिस्सा हैं, तो दलीय आधार पर चुनाव कराने से परहेज क्यों किया जा रहा है।
निकाय चुनाव को दलीय आधार पर कराने से क्यों भाग रही सरकार
उन्होंने कहा कि यह कहीं न कहीं परोक्ष रूप से राजनीतिक जनमत के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि पहले भी नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर हुए हैं, तो इस बार राज्य सरकार दलीय आधार से भाग क्यों रही है। इस सवाल का जवाब अब तक नहीं मिला है, जबकि बार-बार यह प्रश्न उठाया जा रहा है।
निवेशक सम्मेलन और विदेश यात्रा पर उन्होंने कहा कि झारखंड के उत्थान के लिए वे भी आशावादी हैं। इस तरह के इवेंट में भाग लेने वाला झारखंड पहला राज्य नहीं है और न ही यह पहला दल है जो ऐसा कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी इन्वेस्टर के निवेश के लिए राज्य में अनुकूल वातावरण और स्पष्ट रोडमैप होना जरूरी है। सवाल यह है कि क्या राज्य में ऐसा वातावरण है कि निवेशक आएं और रोजगार सृजन कर सकें।
उन्होंने कहा कि पहले यह आंकलन करिए कि सरकार के विदेश दौरे के दौरान जितने दिन वह बाहर रही, उन दिनों झारखंड का क्राइम रेट क्या रहा। क्या ऐसे हालात में निवेशक यहां आकर निवेश करने को तैयार होंगे।
जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में युवा व्यवसायी का हाल में हुए अपहरण का मामला उठाते हुए उन्होंने कहा कि आज भी प्रशासन कोई ठोस परिणाम देने में असफल रहा है, पीडीत परिवार परेशान हैं। वहीं हजारीबाग के
बड़कागांव की घटना भी उन्होंने सरकार के कार्यों पर सवाल खडा किया।
युवाओं को संगठित करने की जरूरत
संगठन के विस्तार और झारखंडियत के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद झारखंड का सृजन हुआ था और अब यह युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे राज्य को सही दिशा में ले जाएं, ताकि झारखंड और झारखंडियत को उनका हक मिल सके। यह संघर्ष आजसू पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता ही आगे बढ़ा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आज झारखंड में युवाओं की एक बड़ी आबादी है, जो उपेक्षित और दरकिनार की गई है। इन सभी युवाओं को एक सूत्र में पिरोना होगा। तभी उनकी शक्ति के प्रवाह से वर्तमान अचेत सत्ता को उखाड़ फेंकने और अपने भविष्य के झारखंड के नवनिर्माण का सपना साकार किया जा सकेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

