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अंतरजिला बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश, सात सदस्य गिरफ्तार

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अंतरजिला बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश, सात सदस्य गिरफ्तार


अंतरजिला बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश, सात सदस्य गिरफ्तार


- चार जिलों से चोरी की 20 बाइक बरामद-रांची, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग में फैला था नेटवर्क

रामगढ़, 06 नवंबर (हि.स.)। रामगढ़ पुलिस ने अंतरजिला बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर रांची, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से चोरी की 20 बाइक बरामद की गई हैं। गिरफ्तार आरोपितों में बाइक चोरी करने वालों के अलावा चोरी की गाड़ियों को खरीदने, उनका हुलिया बदलने और ग्रामीण इलाकों में खपाने वाले कबाड़ी, मैकेनिक एवं गैराज संचालक शामिल हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से चार जिलों में फैले बाइक चोरी के संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

शुक्रवार को रामगढ़ थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक (एसपी) मुकेश कुमार लुनायत ने पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में लगातार हो रही बाइक चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए विशेष पुलिस टीम गठित कर छापेमारी की जा रही थी। पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) मुख्यालय अकरम रजा और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) आलोक रंजन के नेतृत्व में पुलिस टीम गिरोह की गतिविधियों पर नजर रख रही थी।

एसपी ने बताया कि पांच नवंबर को गुप्त सूचना मिली कि शहर में बाइक चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले सीसीटीवी फुटेज में दिखे दो संदिग्ध दोबारा रामगढ़ में दाखिल हुए हैं और किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने शहर में वाहन जांच अभियान शुरू किया। इसी दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों संदिग्धों की पहचान कर उन्हें नीले रंग की बिना नंबर प्लेट वाली बाइक के साथ पकड़ लिया गया।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बोकारो जिले के बीटीपीएस थाना क्षेत्र की कश्मीर कॉलोनी फेज-2 निवासी सोनू राम और गैरमजरुआ गांव निवासी आर्यन कुमार के रूप में हुई है। आर्यन फिलहाल रांची के किशोरगंज स्थित कुमार टोली, चूना भट्ठा के पास रह रहा था। पुलिस ने जब बाइक के कागजात मांगे तो दोनों कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। पूछताछ में दोनों ने नौ अक्टूबर को रामगढ़ शहर में निर्मल एजेंसी के बाहर से बाइक चोरी करने की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।

पुलिस जांच में सामने आया कि सोनू राम और आर्यन कुमार पेशेवर बाइक चोर हैं। दोनों रांची, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग में कई बाइक चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। गिरोह का नेटवर्क सुनियोजित तरीके से काम करता था। बाइक चोरी करने के बाद उसे गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाया जाता था। इसके बाद कबाड़ी और मैकेनिक बाइक की मरम्मत और डेंट-पेंट कर उनका हुलिया बदल देते थे। पहचान छिपाने के लिए इंजन और चेसिस नंबर को भी नुकसान पहुंचाया जाता था। इसके बाद चोरी की बाइक ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में बेहद कम कीमत पर बेच दी जाती थी।

एसपी के अनुसार, नई सराय निवासी राकेश कुमार और मंजूर खान कबाड़ी का काम करते हैं। दोनों चोरी की बाइक खरीदकर उनका हुलिया बदलवाने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में बेचते थे। कई बाइक महज तीन से पांच हजार रुपये में बेची जाती थीं। वहीं, गैराज संचालक बिनेश्वर बेदिया भी चोरी की बाइक खरीदकर कोलियरी और जंगल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेचता था।

इसके अलावा एजाजुल अंसारी बाइक मैकेनिक और कबाड़ी का काम करता था, जबकि बोकारो जिले के पेंक-नारायणपुर थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव निवासी शमीम अंसारी भी चोरी की बाइक की खरीद-बिक्री के नेटवर्क से जुड़ा था। पुलिस के अनुसार, गिरोह में कुछ अन्य बाइक मैकेनिक भी शामिल हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

गिरफ्तार सातों आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने चार जिलों के विभिन्न थाना क्षेत्रों से चोरी की कुल 20 बाइक बरामद की हैं। एसपी ने बताया कि सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और चोरी की बाइक की खरीद-बिक्री में शामिल लोगों की तलाश कर रही है।

इस कार्रवाई में रामगढ़ थाना प्रभारी गजेंद्र कुमार पांडेय, गोला थाना प्रभारी अभिषेक कुमार, टेक्निकल सेल के नौशाद आलम, रामगढ़ थाना के सब-इंस्पेक्टर जॉनी कुमार, विकास कुमार, बीरबल हेंब्रम और मनीष कुमार सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश